नई दिल्ली के बुराड़ी में वर्ष 2016 में हुए चर्चित छहहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिब खान उर्फ बंटी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपने मालिक और प्रॉपर्टी डीलर मुनावर खान सहित उनके पूरे परिवार की हत्या के मामले में पैरोल जंप कर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे बुराड़ी के नथूपुरा चौक इलाके से दबोच लिया।

क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार साहिब खान वर्ष 2014 में प्रॉपर्टी डीलर मुनावर खान के कार्यालय में काम करने लगा था। मुनावर खान के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति थी। वर्ष 2016 में मुनावर एक दुष्कर्म मामले में जेल चला गया। इसी दौरान साहिब की नीयत मालिक की संपत्ति पर कब्जा करने की हो गई और उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली।
सबसे पहले उसने मुनावर की पत्नी और दोनों बेटियों को समझौते का झांसा देकर मेरठ के मवाना ले गया। वहां अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों की गोली मारकर हत्या कर दी और शव नहर में फेंक दिए।
दो बेटों को भी नहीं छोड़ा
महिलाओं की हत्या के बाद साहिब ने मुनावर के दोनों बेटों को भी बहाने से एक प्रॉपर्टी पर बुलाया। वहां उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शवों को पहले से खोदे गए गड्ढों में दफना दिया गया ताकि किसी को शक न हो।

जेल से बाहर आए मुनावर को भी मार डाला
जब मुनावर खान को अपने परिवार के गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने जेल से अंतरिम जमानत लेकर परिवार की तलाश शुरू की। लेकिन जमानत पर बाहर आने के अगले ही दिन साहिब और उसके साथियों ने घर में घुसकर मुनावर की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
इस तरह साहिब ने एक-एक कर पूरे परिवार के छह सदस्यों की हत्या कर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की कोशिश की।
पुलिस पूछताछ में खुला छह कत्लों का राज
मुनावर की हत्या के बाद पुलिस को सूचना देने वाला भी साहिब ही था। उसने खुद को बचाने के लिए अज्ञात हमलावरों की कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में वह टूट गया और पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और कोर्ट में मुकदमा चल रहा था।

पैरोल पर छूटकर हुआ था फरार
पिछले वर्ष अक्टूबर में साहिब खान को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। लेकिन जमानत अवधि समाप्त होने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।
इसके बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी।
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
उत्तरी जिला पुलिस की टीम को सूचना मिली कि साहिब खान चोरी-छिपे बुराड़ी क्षेत्र में आता-जाता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और 14 जून को नथूपुरा चौक के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उसे कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही थी और पुलिस के डर से वह हरियाणा के सोनीपत स्थित टीडीआई सिटी में किराए के मकान में छिपकर रह रहा था।
लालच ने बना दिया हत्यारा
पुलिस जांच में सामने आया कि साहिब पहले सोनीपत में मेडिकल स्टोर चलाता था, लेकिन कम कमाई के कारण उसने मुनावर खान के साथ काम करना शुरू किया। करोड़ों की संपत्ति के लालच में उसने अपने मालिक और उनके पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया।
निष्कर्ष
बुराड़ी का यह हत्याकांड दिल्ली के सबसे सनसनीखेज और खौफनाक अपराधों में गिना जाता है। एक कर्मचारी द्वारा अपने ही मालिक के पूरे परिवार का सफाया कर देने की यह घटना आज भी लोगों को झकझोर देती है। अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद वर्षों से अटका मुकदमा फिर से आगे बढ़ सकेगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।






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