Special Intensive Review (SIR) drive intensified in Uttarakhand : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज, 71 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म हुए डिजिटाइज…

Special Intensive Review (SIR) drive intensified in Uttarakhand : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज, 71 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म हुए डिजिटाइज…

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को सचिवालय में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए राजनीतिक दलों से घर-घर सत्यापन अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की गई।

Special Intensive Review (SIR) drive intensified in Uttarakhand : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज, 71 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म हुए डिजिटाइज...

71 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक मतदाता गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 79 लाख 60 हजार 762 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से अब तक 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म सफलतापूर्वक डिजिटाइज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

8.39 लाख मतदाता ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में शामिल

निर्वाचन विभाग के अनुसार वर्तमान में 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता “अनकलेक्टेड श्रेणी” में दर्ज किए गए हैं। इन मतदाताओं का सत्यापन अभी शेष है। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार—

  • 1,23,836 मतदाता मृत पाए गए हैं।
  • 4,77,148 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
  • 61,764 मतदाता पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत पाए गए।
  • 1,68,259 मतदाता सत्यापन के दौरान अनुपस्थित मिले।
  • 8,479 मतदाता अन्य कारणों से अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

इन सभी श्रेणियों को मिलाकर अब तक 79 लाख 45 हजार 658 मतदाताओं का रिकॉर्ड डिजिटाइज किया जा चुका है।

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14 जुलाई को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी।

इसके बाद मतदाताओं को सूची में सुधार कराने का अवसर दिया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार—

  • 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी।
  • 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
  • 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और विवरण का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।

राजनीतिक दलों से मांगा सक्रिय सहयोग

बैठक के दौरान डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सभी राजनीतिक दलों से विशेष रूप से अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल मतदाताओं के घर-घर सत्यापन अभियान में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और अद्यतन बनाना है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का भी आग्रह किया, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।

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23 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट किए गए नियुक्त

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 11,733 मतदान केंद्र (Polling Booths) हैं। इनके सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 23,102 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं।

उन्होंने राजनीतिक दलों से शेष मतदान केंद्रों पर भी जल्द से जल्द बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध किया, जिससे मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण कार्य में तेजी लाई जा सके।

मतदाता सूची की शुद्धता पर निर्वाचन आयोग का विशेष जोर

बैठक में निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना है। इससे भविष्य में होने वाले चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही तरीके से उपयोग कर सकेगा।

निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने मतदाता संबंधी विवरणों का समय पर सत्यापन करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे ठीक कराएं।

बैठक में रहे मौजूद

इस बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें भाजपा से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से अमरेंद्र बिष्ट, आम आदमी पार्टी से श्याम बाबू पांडेय, बहुजन समाज पार्टी से सत्यपाल तथा सीपीआई (एम) से अनंत आकाश शामिल थे।

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