Public service and public trust are the biggest responsibilities : मुख्यमंत्री धामी ने 187 नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— जनसेवा और जनता का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी

Public service and public trust are the biggest responsibilities : मुख्यमंत्री धामी ने 187 नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— जनसेवा और जनता का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी

देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं के लिए शुक्रवार का दिन नई उम्मीद और नई शुरुआत लेकर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों तथा कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों सहित कुल 187 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जनसेवा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का संदेश दिया।

Public service and public trust are the biggest responsibilities : मुख्यमंत्री धामी ने 187 नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— जनसेवा और जनता का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी

नियुक्ति पत्र केवल नौकरी नहीं, जनता के विश्वास का प्रतीक : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, उम्मीदों और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी की वास्तविक पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण से होती है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करें।

डेढ़ लाख अभ्यर्थियों में से केवल 182 का चयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के लिए लगभग डेढ़ लाख युवाओं ने आवेदन किया था, जबकि 71 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। कड़ी प्रतिस्पर्धा और कठिन चयन प्रक्रिया के बाद केवल 182 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह सफलता चयनित युवाओं की प्रतिभा, कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और संघर्ष को प्रेरणा बनाकर भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने का आह्वान किया।

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लोकतंत्र में अधिकारी का दायित्व जनता की सेवा करना है

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी पद का अर्थ शासन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि” के मंत्र पर कार्य कर रही है और यही भावना प्रत्येक अधिकारी के कार्यों में भी दिखाई देनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी कार्यालय में आने वाला प्रत्येक नागरिक सम्मान, संवेदनशील व्यवहार और समयबद्ध समाधान का अनुभव लेकर लौटे। विशेष रूप से दूर-दराज़ और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।

नकल विरोधी कानून से युवाओं का बढ़ा विश्वास

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है तथा पारदर्शी एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की है। आज 187 और युवाओं के सरकारी सेवा से जुड़ने के साथ यह अभियान और अधिक मजबूत हुआ है।

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राज्य के युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए राज्य से बाहर पलायन न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी” दोनों को उत्तराखंड के विकास की सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रोजगार, कौशल विकास और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने में अधिकारियों की होगी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की पावन भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। इस संकल्प को साकार करने में नवचयनित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार नीतियां बनाती है, लेकिन उन नीतियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी अधिकारियों और कर्मचारियों की होती है। इसलिए सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए।

ईमानदार अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्य करने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों से किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर संविधान, कानून और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा का मूल उद्देश्य जनता का विश्वास जीतना और शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है।

अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, राम सिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पांडेय, एस.एन. पाण्डेय, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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