,

DFO in Haridwar faces corruption charges : हरिद्वार में DFO पर भ्रष्टाचार के आरोप, जन अधिकार पार्टी का जोरदार प्रदर्शन; कार्यालय के बाहर पुतला फूंका

DFO in Haridwar faces corruption charges : हरिद्वार में DFO पर भ्रष्टाचार के आरोप, जन अधिकार पार्टी का जोरदार प्रदर्शन; कार्यालय के बाहर पुतला फूंका

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में वन विभाग और प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता डीएफओ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका और विभाग पर वन संरक्षण से जुड़े मामलों में अनियमितताओं का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारी डीएफओ कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्य गेट बंद कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।

DFO in Haridwar faces corruption charges : हरिद्वार में DFO पर भ्रष्टाचार के आरोप, जन अधिकार पार्टी का जोरदार प्रदर्शन; कार्यालय के बाहर पुतला फूंका

वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी, लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हरिद्वार वन प्रभाग में लंबे समय से कई गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग पर भ्रष्टाचार, कार्यों में पारदर्शिता की कमी और वन संपदा के संरक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि वन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और संरक्षण योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे वन संरक्षण के उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं।

डीएफओ कार्यालय में घुसने का प्रयास, गेट बंद कर रोका गया

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय कुछ तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी डीएफओ कार्यालय के अंदर जाकर अधिकारियों से जवाब मांगने की कोशिश करने लगे। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एहतियातन कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।

कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और बहस का माहौल बना रहा। हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।

DFO in Haridwar faces corruption charges : हरिद्वार में DFO पर भ्रष्टाचार के आरोप, जन अधिकार पार्टी का जोरदार प्रदर्शन; कार्यालय के बाहर पुतला फूंका

पौधारोपण, अवैध खनन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर उठाए सवाल

जन अधिकार पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उनका कहना था कि वन क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पौधारोपण के नाम पर खर्च तो दिखाया जाता है, लेकिन जमीन पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देते।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने वन क्षेत्रों में कथित अवैध खनन की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे पर्यावरण और वन संपदा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन्यजीवों की मौत और शिकार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

प्रदर्शनकारियों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि वन संरक्षण और सरकारी संसाधनों के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

डीएफओ ने आरोपों को किया खारिज

उधर, हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वन विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है और विभागीय कार्य निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किए जाते हैं।

डीएफओ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास किसी प्रकार के ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें संबंधित विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में प्रमाणित शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो विभाग नियमानुसार निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

वन संरक्षण और पारदर्शिता को लेकर फिर तेज हुई बहस

हरिद्वार में हुए इस प्रदर्शन के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, अवैध खनन और वन्यजीवों की सुरक्षा जैसे विषय लंबे समय से संवेदनशील माने जाते रहे हैं। ऐसे में जन अधिकार पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों और वन विभाग के स्पष्टीकरण के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित मामलों में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

फिलहाल वन विभाग ने आरोपों से इनकार किया है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं। यदि भविष्य में इस मामले में कोई आधिकारिक जांच होती है, तो उसके निष्कर्ष ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे। तब तक यह मामला हरिद्वार में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8

Latest Posts

Editor’s Picks