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Controversy escalates over transfer of seven doctors from the hospital : खटीमा नागरिक चिकित्सालय से सात डॉक्टरों के तबादले पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने अस्पताल परिसर में किया प्रदर्शन

Controversy escalates over transfer of seven doctors from the hospital : खटीमा नागरिक चिकित्सालय से सात डॉक्टरों के तबादले पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने अस्पताल परिसर में किया प्रदर्शन

खटीमा (ऊधम सिंह नगर): खटीमा नागरिक चिकित्सालय से सात डॉक्टरों के तबादले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। डॉक्टरों के स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद अब इसका विरोध भी तेज हो गया है। गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नागरिक चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सातों डॉक्टरों के तबादले के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पताल से एक साथ सात डॉक्टरों का तबादला करना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर डालेगा।

अस्पताल परिसर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

खटीमा नागरिक चिकित्सालय में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय सरकार उन्हें कमजोर करने का काम कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अस्पताल में पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है और ऐसे में सात डॉक्टरों का एक साथ तबादला कर देना आम जनता के हितों के विपरीत निर्णय है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इसी अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। यदि डॉक्टरों की संख्या कम हो गई तो मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाएगा और उन्हें दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा।

युवा कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष नीरज कन्याल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खटीमा नागरिक चिकित्सालय पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में सात डॉक्टरों का एक साथ तबादला करना मरीजों की समस्याओं को कई गुना बढ़ा देगा।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों की कमी होने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित होंगी, मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा और गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की नौबत आ सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त किया जाए।

Controversy escalates over transfer of seven doctors from the hospital : खटीमा नागरिक चिकित्सालय से सात डॉक्टरों के तबादले पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने अस्पताल परिसर में किया प्रदर्शन

पीसीसी सदस्य बोले— मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था हो रही कमजोर

कांग्रेस के पीसीसी सदस्य उमेश सिंह राठौर उर्फ बॉबी राठौर ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खटीमा मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है और यदि यहां के अस्पताल से ही बड़ी संख्या में डॉक्टरों का तबादला किया जा रहा है, तो यह स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण खटीमा अस्पताल पर हजारों लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं निर्भर हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को पहले ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि डॉक्टरों की संख्या कम हुई तो सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण मरीजों को होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है सीधा असर

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक साथ सात डॉक्टरों के तबादले से अस्पताल की नियमित चिकित्सा सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होने से मरीजों की जांच, उपचार और परामर्श सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे उनके आर्थिक बोझ में भी वृद्धि होगी।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार को स्थानांतरण जैसे फैसले लेने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और अस्पताल की जरूरतों का गंभीरता से मूल्यांकन करना चाहिए था।

Controversy escalates over transfer of seven doctors from the hospital : खटीमा नागरिक चिकित्सालय से सात डॉक्टरों के तबादले पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने अस्पताल परिसर में किया प्रदर्शन

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही डॉक्टरों के तबादले का आदेश वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

सरकार के अगले फैसले पर टिकी निगाहें

डॉक्टरों के तबादले को लेकर खटीमा में विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब स्थानीय लोगों और मरीजों की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस विरोध के बाद स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार करती है या अपने निर्णय पर कायम रहती है।

फिलहाल सात डॉक्टरों के तबादले का मुद्दा खटीमा में राजनीतिक और जनहित का बड़ा विषय बन चुका है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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