New Delhi: हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े सरकारी खातों से कथित तौर पर 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रकम के कथित इस्तेमाल को लेकर कई जानकारियां सामने आ रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में आरोपी बताए जा रहे रिभव ऋषि की एक महिला से करीबी संबंध और उस पर किए गए कथित खर्च का भी जिक्र सामने आया है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने CBI को दिए बयान में रिभव ऋषि से हर महीने 10 लाख रुपये मिलने, दिल्ली में मकान खरीदने में आर्थिक मदद और विदेश यात्राओं की जानकारी दी है। हालांकि, ये सभी बातें जांच एजेंसी के सामने दिए गए बयान और जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित हैं; मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होंगे।

कैसे सामने आया रिभव ऋषि और महिला का संबंध?
CBI को दिए गए बयान के मुताबिक, बिहार के सिवान की रहने वाली महिला की रिभव ऋषि से पहली मुलाकात मार्च-अप्रैल 2025 में चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उस कार्यक्रम में महिला डांस कर रही थी। इसके बाद दोनों की दोबारा मुलाकात हुई और 8 मई 2025 को जयपुर में आयोजित एक फार्महाउस पार्टी में उनकी मुलाकात का जिक्र बयान में किया गया है।
महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि 5 जुलाई 2025 को मुंबई के सेंट रेजिस होटल में मुलाकात के दौरान रिभव ऋषि ने उसके सामने प्रेम का इजहार किया था। महिला के मुताबिक, ऋषि ने उससे शादी करने और उसका तथा उसके परिवार का ख्याल रखने का भरोसा भी दिलाया था। रिपोर्ट के अनुसार, उस समय ऋषि पहले से विवाहित था।
हर महीने 10 लाख रुपये देने का दावा
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस दावे की है, जिसमें महिला ने CBI को बताया कि रिभव ऋषि ने उसे अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक हर महीने 10 लाख रुपये दिए। उसके बयान के अनुसार, कुल मिलाकर उसे 56 लाख रुपये मिले।
महिला ने कथित तौर पर जांच एजेंसी को बताया कि उसने डांस का अपना काम छोड़ दिया था और इसी वजह से ऋषि ने उसे हर महीने यह रकम देने की बात कही थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिला ने रिभव द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, हालांकि उसके अनुसार उसने केवल दो-तीन पार्टियों में ही प्रदर्शन किया।
दिल्ली के द्वारका में करोड़ों के मकान का मामला
CBI के सामने दिए गए बयान में दिल्ली के द्वारका स्थित एक मकान का भी जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, 18 जुलाई 2025 को इस मकान के लिए एक लाख रुपये की टोकन राशि दी गई थी।
महिला के बयान के मुताबिक, मकान के लिए करीब 3.10 करोड़ रुपये नकद दिए गए थे। इसमें महिला की ओर से 49 लाख रुपये और बाकी रकम रिभव ऋषि की ओर से दिए जाने की बात कही गई। इसके अलावा संपत्ति के लिए 90 लाख रुपये की और राशि देय थी, जिसमें से 65 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने बताया कि वह 2 जनवरी 2026 से इस मकान में रह रही है। इन संपत्ति लेनदेन से जुड़े वित्तीय स्रोत भी जांच का हिस्सा हैं।
महंगे होटल और विदेश यात्राओं का भी जिक्र
जांच के दौरान सामने आए महिला के बयान में रिभव ऋषि के साथ कई शहरों और विदेशों की यात्राओं का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने चंडीगढ़, दिल्ली और गोवा में कई महंगे होटलों में ठहराव किया।
विदेश यात्राओं में मकाऊ, थाईलैंड और दुबई का जिक्र सामने आया है। नवंबर 2025 में दुबई यात्रा के दौरान दोनों के बुर्ज अल अरब में ठहरने की बात महिला ने CBI को बताई। इसके अलावा महिला ने कथित तौर पर बताया कि रिभव उसे दुबई एयरपोर्ट के पास एक नए बने चार बेडरूम वाले डुप्लेक्स में भी लेकर गया था। उसके बयान के मुताबिक, ऋषि ने भविष्य में दुबई में बसने की योजना के संदर्भ में उस संपत्ति का जिक्र किया था।

पार्टियों में सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी का दावा
CBI जांच में रिभव ऋषि द्वारा आयोजित पार्टियों का भी जिक्र आया है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कई कार्यक्रम जेड मैनर, जीरकपुर में आयोजित किए गए थे। महिला ने जांच एजेंसी को इन कार्यक्रमों में कुछ सरकारी अधिकारियों और अन्य आरोपियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन पार्टियों में पांच से छह डांसर्स को बुलाया जाता था और प्रत्येक कार्यक्रम पर औसतन 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च होने का दावा किया गया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में नकदी बांटने की व्यवस्था की जाती थी। इन दावों की पुष्टि और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच का विषय है।
657 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से कैसे जुड़ा है मामला?
पूरा मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों से जुड़े बैंक खातों से कथित तौर पर रकम की हेराफेरी की जांच से संबंधित है। CBI के अनुसार, निजी बैंकों के कुछ अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी धन को विभिन्न खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से डायवर्ट किया गया। जांच में पूर्व IDFC First Bank ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि को इस कथित साजिश का प्रमुख आरोपी बताया गया है।
CBI के अनुसार, ऋषि ने कथित तौर पर कई फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन को अधिकृत किया। अगस्त 2026 में उसकी जमानत याचिका खारिज होने की रिपोर्ट में CBI ने दावा किया था कि उसने कम से कम 25 कथित फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन के जरिए 187.35 करोड़ रुपये की रकम से संबंधित भूमिका निभाई। अदालत में एजेंसी ने सरकारी धन के कथित इस्तेमाल में संपत्ति खरीद, पार्टियों, लग्जरी होटल और विदेश यात्राओं का भी उल्लेख किया था।
जांच में सोना और संपत्तियों की खरीद का भी खुलासा
इस मामले में CBI की जांच केवल बैंक खातों से रकम निकालने तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर निकाली गई रकम का एक हिस्सा शेल कंपनियों के माध्यम से ज्वेलर्स तक पहुंचाया गया और सोने की खरीद-बिक्री के जरिए नकदी में बदलने का आरोप है।
जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में CBI के जांच दस्तावेजों के हवाले से बताया गया था कि करीब 329.57 करोड़ रुपये एक चंडीगढ़ स्थित ज्वेलर तक पहुंचे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन लेनदेन के जरिए कथित तौर पर रकम को आगे इस्तेमाल के लिए नकदी में बदला गया। इसके अलावा करीब 55 करोड़ रुपये की संपत्तियों की खरीद भी जांच के दायरे में होने की जानकारी सामने आई थी।
महिला बनी जांच में महत्वपूर्ण गवाह
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस महिला का बयान CBI ने दर्ज किया है, वह इस मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह के रूप में सामने आई है। जांच एजेंसी ने उसका फोन भी जब्त किया है। उसके बयान में रिभव ऋषि के साथ संबंध, आर्थिक लेनदेन, पार्टियों और विदेश यात्राओं से जुड़ी जानकारियां दर्ज होने की बात सामने आई है।
हालांकि, जांच में सामने आए किसी भी बयान या आरोप को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
आगे क्या होगा?
657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच में CBI सरकारी खातों से रकम के कथित डायवर्जन, बैंक अधिकारियों की भूमिका, शेल कंपनियों के जरिए लेनदेन, संपत्ति और सोने की खरीद तथा कथित व्यक्तिगत खर्चों की कड़ियों की जांच कर रही है। मामले में कई बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।
फिलहाल रिभव ऋषि और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इसलिए गर्लफ्रेंड को पैसे देने, मकान खरीदने, पार्टियों और विदेश यात्राओं से जुड़े दावों को CBI जांच में सामने आए आरोप और गवाह के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले का अंतिम सच अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक फैसले से तय होगा।







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