पंचकूला। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में पहुंचकर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट भी खेला और मैदान पर उतरकर युवाओं से खेल, फिटनेस और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। उनके खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलने के दौरान स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में उत्साह देखने को मिला।
खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरे मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनके खेल और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अपना अलग आनंद है और खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें प्रसन्नता हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और टीम भावना विकसित होती है। किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरी मेहनत जरूरी है, और खेल युवाओं को यही सीख देता है।
नमो क्रिकेट लीग के फाइनल चरण में विभिन्न स्थानों से पहुंची टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजकों के अनुसार लीग का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश देना भी है।

‘क्रिकेट को हां, नशे को ना’ का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों और युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि खेल, रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए। इसी तरह की नशामुक्ति शपथ लीग के शुरुआती चरण में भी दिलाई गई थी।
‘लत लगानी है तो खेल और फिटनेस की लगाएं’
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि जीवन में किसी चीज की लत लगानी है तो खेल और फिटनेस की लत लगाएं। वहीं, यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा देश की बड़ी शक्ति हैं। इसलिए उनकी ऊर्जा को सही दिशा देना जरूरी है। खेल युवाओं को स्वस्थ रखने के साथ उन्हें अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खेल से मिलती है जीत और हार दोनों से सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी सिर्फ जीतना ही नहीं सीखता, बल्कि हार के बाद दोबारा मेहनत करके आगे बढ़ना भी सीखता है। जीत से विनम्रता और हार से सीख लेने की भावना खेलों के जरिए विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि टीम के साथ खेलते हुए खिलाड़ियों में एक-दूसरे के प्रति सहयोग और जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है। यही गुण आगे चलकर जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी उपयोगी साबित होते हैं।

‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ से बढ़ा खेलों का दायरा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इन पहलों के जरिए युवाओं को खेल और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं को भी बड़े मंच मिल रहे हैं और अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
हरियाणा की खेल प्रतिभाओं का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने हरियाणा को खेल प्रतिभाओं की धरती बताते हुए कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
बदली खेलों को लेकर सोच
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक समय खेलों को लेकर समाज में यह धारणा थी कि पढ़ाई पर ध्यान देना ही सफलता का रास्ता है और खेलों को कम महत्व दिया जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। खेलों में करियर और पहचान बनाने के अवसर बढ़े हैं तथा युवा खेलों को भी गंभीरता से अपना रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने समय और ऊर्जा का इस्तेमाल स्वस्थ एवं रचनात्मक गतिविधियों में करें।

नशे से दूर रहकर समाज को मजबूत बनाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ता है। इसके विपरीत खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अनुशासन और सकारात्मक सोच की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार सुरक्षित रहेगा और परिवार मजबूत होंगे तो समाज भी मजबूत होगा। इसी भावना के साथ युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया। नमो क्रिकेट लीग के आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में बड़ी संख्या में टीमों और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है और लीग का अंतिम चरण पंचकूला में आयोजित किया जा रहा है।







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