बाजपुर, 9 अक्टूबर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने का निर्णय लिया। हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय ओलावृष्टि की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने खराब मौसम के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर का रुख बाजपुर की ओर कराया। यहां उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और जमीन पर उतरकर खेतों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दोपहर 12 बजे अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि
शुक्रवार दोपहर बाजपुर क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली और भीषण ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना सामने आई। ओलावृष्टि के कारण प्रभावित किसानों की चिंता बढ़ गई और नुकसान का आकलन किए जाने की जरूरत महसूस होने लगी।
इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें बाजपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को स्वयं देखने का निर्णय लिया और हेलीकॉप्टर को बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।
खराब मौसम के बावजूद प्रभावित क्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री
ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने पहले प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया और किसानों से सीधे बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने किसानों से पूछा कि ओलावृष्टि से उनकी फसलों को किस तरह का नुकसान हुआ है और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने उन्हें अपनी स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मुश्किल घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अधिकारियों को जल्द सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश
प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए समय पर कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि प्रभावित खेतों और फसलों की स्थिति का सही तरीके से आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन से लेकर राहत संबंधी कार्रवाई तक सभी जरूरी कदम तत्परता और संवेदनशीलता के साथ उठाए जाने चाहिए।
किसानों को हरसंभव सहायता का आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और राहत संबंधी कार्रवाई में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। मुख्यमंत्री ने नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ प्रभावित किसानों को निर्धारित नियमों के तहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अब नुकसान के आकलन और राहत पर टिकी किसानों की नजर
बाजपुर क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद अब प्रभावित किसानों की नजर प्रशासन की सर्वेक्षण प्रक्रिया और राहत संबंधी कार्रवाई पर टिकी है। फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का पता विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही चल सकेगा। इसके आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों का आकलन पूरा करना और किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। अब देखना होगा कि सर्वेक्षण कितनी जल्दी पूरा होता है और प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है।
JN News निष्कर्ष: बाजपुर में शुक्रवार दोपहर हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को फसलों के नुकसान का जल्द आकलन कर नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अब प्रभावित किसानों को सर्वेक्षण और राहत संबंधी कार्रवाई पूरी होने का इंतजार है।







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