दिल्ली में पुलिस हिरासत में हैं कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित पैतृक गांव में दादी ने ली अंतिम सांस
नई दिल्ली/हिंगोली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार से दुखद खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में उनकी दादी का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उनकी दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। उन्होंने हिंगोली स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली। दादी के निधन की खबर से परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, अभिजीत दीपके इस समय दिल्ली में पुलिस हिरासत में हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें अपने परिवार के बीच पहुंचने और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र लौटने का अवसर मिलेगा।
एक ओर अभिजीत दीपके दिल्ली में अपने प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं, तो दूसरी ओर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन माना जा रहा है। हालांकि, उनकी महाराष्ट्र वापसी या हिरासत से रिहाई को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

दादी के निधन से परिवार को लगा गहरा सदमा
अभिजीत दीपके की दादी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। उनकी तबीयत को लेकर परिवार पहले से चिंतित था। इसी बीच उनके निधन की खबर सामने आने से परिजनों को गहरा सदमा पहुंचा है। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित उनके पैतृक गांव संतुक पिंपरी में शोक का माहौल है।
परिवार में किसी बुजुर्ग सदस्य का निधन अपने आप में बेहद दुखद घटना होती है। ऐसे समय में परिवार के लोग एक-दूसरे का सहारा बनते हैं और अंतिम विदाई की तैयारियों में जुटते हैं। लेकिन अभिजीत दीपके के दिल्ली में पुलिस हिरासत में होने के कारण उनकी मौजूदगी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। परिवार और उनके समर्थकों के मन में यह सवाल है कि क्या वह इस मुश्किल घड़ी में अपने घर पहुंच पाएंगे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का किया था ऐलान
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इस प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वह मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। CJP की ओर से घोषित इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पुलिस की सतर्कता बढ़ी हुई थी।
प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचने के दौरान ही अभिजीत दीपके को पुलिस ने विमान के भीतर हिरासत में ले लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया। बताया गया कि पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इस घटनाक्रम के चलते अभिजीत दीपके दिल्ली में ही हैं और उनके आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी बीच उनकी दादी के निधन की खबर ने पूरे मामले को एक अलग भावनात्मक मोड़ दे दिया है।

प्रदर्शन और पुलिस हिरासत के बीच बदले हालात
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पहले से ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी हुई थी। अभिजीत दीपके का दिल्ली पहुंचना और उसके बाद पुलिस हिरासत में लिया जाना इस घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। अब परिवार में हुई दुखद घटना के बाद उनकी प्राथमिकता और आगे की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अभिजीत दीपके को हिरासत से कब छोड़ा जाएगा या उन्हें महाराष्ट्र जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं। इस संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। इसलिए उनकी वापसी को लेकर अभी कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
क्या मुंबई लौट पाएंगे अभिजीत दीपके?
दादी के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभिजीत दीपके महाराष्ट्र लौटेंगे या नहीं। उनका पैतृक गांव हिंगोली जिले में है, जबकि वह CJP के प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस हिरासत में होने के कारण उनकी यात्रा और परिवार तक पहुंचने की स्थिति संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
यदि उन्हें रिहाई मिलती है या यात्रा की अनुमति दी जाती है, तो वह परिवार के बीच पहुंच सकते हैं। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में उनकी मुंबई वापसी या पैतृक गांव पहुंचने को लेकर दावे करना जल्दबाजी होगी।

परिवार के लिए मुश्किल समय
अभिजीत दीपके के परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है। दादी के निधन से घर में शोक है, जबकि अभिजीत के दिल्ली में हिरासत में होने के कारण परिवार की चिंता और बढ़ गई है। एक तरफ परिवार को इस दुखद घटना का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर अभिजीत की स्थिति को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि दिल्ली में पुलिस हिरासत से जुड़ा घटनाक्रम आगे क्या मोड़ लेता है और क्या अभिजीत दीपके को परिवार के बीच पहुंचने का अवसर मिल पाता है। उनकी रिहाई, महाराष्ट्र वापसी और अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर ऐसे समय आई है, जब वह दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस हिरासत में हैं। परिवार में शोक का माहौल है और उनकी महाराष्ट्र वापसी को लेकर सवाल बने हुए हैं। फिलहाल उनकी रिहाई या यात्रा की अनुमति के संबंध में किसी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।







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