कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह शिकायत आकाशवाणी भवन प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई है, और मामला आकाशवाणी भवन में दोनों सांसदों द्वारा INDIA ब्लॉक के अन्य सांसदों व कार्यकर्ताओं के साथ किए गए कथित हाई वोल्टेज ड्रामे से जुड़ा है। बीते दिन राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर आकाशवाणी भवन में रखा था।

राहुल-प्रियंका पर भवन में जबरन घुसने के आरोप
आकाशवाणी भवन की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भवन में जबरन घुसने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में इन दोनों नेताओं के अलावा कई अन्य सांसदों के भी नाम शामिल हैं। साथ ही अज्ञात लोगों का भी जिक्र किया गया है, जिन पर भवन के अंदर तोड़फोड़ करने का आरोप है। शिकायत में राहुल और प्रियंका पर जबरन भवन में घुसकर अतिक्रमण करने का मामला दर्ज करने की मांग की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान भवन प्रशासन की ओर से पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर सूचना दी गई थी। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। इसी दौरान भवन के अधिकारियों ने आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच के बाद दिल्ली पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

आकाशवाणी भवन के पास पुलिस ने रोका था मार्च
शिकायत में बताया गया है कि बीते दिन INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ एक मार्च निकाला था। राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि पुलिस ने चुनाव आयोग के दफ्तर से करीब 400 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग और घेराबंदी करके इस मार्च को रोक दिया।
इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेता आकाशवाणी भवन पहुंचे और गेट नंबर 4 के पास एक पेड़ के नीचे बैठ गए। बताया जा रहा है कि करीब 8 घंटे तक दोनों नेता वहीं धरना देते रहे, और इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। देर रात पुलिस ने दोनों नेताओं को वहां से हटाकर हिरासत में लिया और उनके घर भेज दिया।
अब आगे क्या?
आकाशवाणी भवन प्रशासन की शिकायत के आधार पर अब दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की जांच करेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता और इनमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष
चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के बाद अब यह मामला एक नया कानूनी मोड़ ले चुका है। आकाशवाणी भवन में हुए हंगामे को लेकर दर्ज हुई इस FIR के बाद कांग्रेस और सत्तापक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस जांच के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी।
(इस खबर में उल्लेखित विवरण पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)







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