नई दिल्ली, 4 जून 2026। देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE (एडवांस्ड) 2026 से जुड़े कथित डेटा लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तिलचट्टा जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी की है।
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि JEE (एडवांस्ड) 2026 के परिणाम पोर्टल में कथित क्लाउड स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन की खामी के कारण उम्मीदवारों का डेटा सार्वजनिक होने की आशंका पैदा हुई। पार्टी का कहना है कि यदि इस प्रकार की तकनीकी चूक हुई है तो यह देश की शिक्षा प्रणाली और डिजिटल अवसंरचना के संचालन में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि देश के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं और उनकी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सामने आ रही तकनीकी गड़बड़ियां और परीक्षा संबंधी विवाद छात्रों तथा अभिभावकों का भरोसा कमजोर कर रहे हैं।
सीजेपी ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को स्पष्ट और पारदर्शी जांच करानी चाहिए। पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

6 जून के आंदोलन को लेकर दी सफाई
इससे पहले मुख्य न्यायिक परिषद (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में 6 जून को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर उठ रही आशंकाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा।
रांका ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा आंदोलन को हिंसक बताए जाने की अटकलें निराधार हैं। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है तथा अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार और विपक्ष दोनों से संवाद को तैयार
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले संविधान क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित अपनी पहली मीडिया वार्ता में तिलचट्टा जनता पार्टी ने कहा था कि वह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
पार्टी का कहना है कि शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है और इन विषयों पर राजनीतिक दलों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।
जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल JEE (एडवांस्ड) 2026 के कथित डेटा लीक को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जांच और स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित या संचालित होने वाली परीक्षाओं में डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों की गोपनीय जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रह सके।







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