कासगंज जिले के कांग्रेस जिला कार्यालय में शुक्रवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों एवं विधायकों की आय की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार के संरक्षण में बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आगरा नगर निगम द्वारा निजी बिजली कंपनी टोरेंट का करीब 430 करोड़ रुपये का बकाया माफ किया गया है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “काम लो-चंदा दो” की नीति पर कार्य कर रही है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।

महोबा कांड को लेकर सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने महोबा की दलित छात्रा से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि छात्रा का अपहरण कर 16 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़िता के घर तक नहीं पहुंचा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पीड़िता से मिलने जा रहे थे, तब उन्हें रोकने की कोशिश की गई। साथ ही प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनके खिलाफ प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।

भाजपा नेताओं की भी हो संपत्ति जांच
मनोज पांडेय ने कहा कि यदि सरकार विपक्षी नेताओं की संपत्ति और आय की जांच करवा सकती है, तो प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में मिड-डे मील योजना से लेकर सड़क निर्माण, अस्पतालों में दवाइयों की खरीद और मनरेगा तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि धार्मिक स्थलों तक को नहीं छोड़ा गया।

अयोध्या विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अयोध्या के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भगवान राम की नगरी अयोध्या में विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही हुई है। मंदिर निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रही है। ईडी और आयकर विभाग के छापों के जरिए विपक्ष को डराने और आर्थिक वसूली की राजनीति की जा रही है।
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का किया ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई नहीं करती, तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पारदर्शी जांच की मांग की।
इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






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