बाजपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में रविवार को शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों को लेकर सिख समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सिख समाज के प्रतिनिधि, गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के सदस्य, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामलों में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि कई मामलों में गलत धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिससे लाइसेंस धारकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बैठक में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध शस्त्र लाइसेंस हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए बिना मुकदमे दर्ज कर दिए गए, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है।
सिख समाज ने प्रशासन से मांग की कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हुई है तो उसे न्याय दिलाया जाए।
देर रात घरों पर पूछताछ का भी लगाया आरोप
बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि पुलिस द्वारा देर रात शस्त्र लाइसेंस धारकों के घर जाकर पूछताछ की जा रही है। वक्ताओं ने दावा किया कि इस प्रकार की कार्रवाई से लोगों और उनके परिवारों में भय का माहौल बन रहा है।
समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी मामले में जांच आवश्यक हो तो उसे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उचित समय के अनुसार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नोट: पुलिस पर लगाए गए ये आरोप बैठक में मौजूद वक्ताओं और सिख समाज के प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों पर प्रशासन या पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस समाचार के प्रकाशन तक सामने नहीं आई है।

1 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 1 अगस्त 2026 तक प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों का संतोषजनक समाधान नहीं किया, तो पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में शासन और प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचाना है।

सामाजिक एकता पर दिया गया जोर
बैठक में वक्ताओं ने सिख समाज से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करेगा। उन्होंने प्रशासन से भी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपेक्षा जताई।
इन लोगों ने रखे अपने विचार
बैठक के दौरान कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें प्रमुख रूप से—
- हरेन्द्र सिंह लाड़ी (प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस, बाजपुर)
- कुलविंदर सिंह किंदा (अध्यक्ष, बाजपुर गुरुद्वारा कमेटी)
- विक्की रंधावा (समाजसेवी)
- काशीपुर गुरुद्वारा प्रधान
ने शस्त्र लाइसेंस मामलों में निष्पक्ष जांच और प्रशासन से सकारात्मक पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
शस्त्र लाइसेंस से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सिख समाज ने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से प्रशासन के सामने रखी हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि निर्धारित समय सीमा तक समाधान नहीं निकलता है, तो जिले में आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।






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