खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में अपनी सादगी और सहज व्यवहार से एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री मेलाघाट रोड पर पैदल चलते हुए अचानक स्थानीय मिलन डेरी पहुंचे और वहां चाय की चुस्की ली। इस दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों से बातचीत कर उनका हाल जाना और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री को अपने बीच इस तरह अचानक और सहज अंदाज में देखकर आसपास मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। मिलन डेरी में चाय पीते हुए मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से उनके कारोबार के बारे में जानकारी ली और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं एवं समस्याओं पर भी बातचीत की।

स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहित करने का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों, दुकानों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘लोकल फॉर वोकल’ केवल एक अभियान या नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि जब लोग अपने आसपास के स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों, उद्यमियों और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा। इससे छोटे कारोबारियों का मनोबल बढ़ने के साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान यहां के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हुनर और उद्यमिता से भी जुड़ी हुई है। सरकार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को अगर बाजार और उपभोक्ताओं का समर्थन मिलता है, तो इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही गांव और छोटे शहरों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

पैदल चलकर डेरी पहुंचने का अंदाज बना चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री का मेलाघाट रोड पर पैदल चलना और इसी दौरान स्थानीय डेरी में रुककर चाय पीना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए प्रोत्साहन का संदेश देता नजर आया।
मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से अपील की कि स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और उद्यमियों को प्राथमिकता देकर ‘लोकल फॉर वोकल’ के संकल्प को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री की इस सहज पहल के जरिए खटीमा में स्थानीय कारोबार और ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा देने का संदेश साफ तौर पर दिखाई दिया।







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