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नेपाल त्रासदी पर हरिद्वार के संतों ने जताया दुख, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए रखा दो मिनट का मौन

नेपाल त्रासदी पर हरिद्वार के संतों ने जताया दुख, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए रखा दो मिनट का मौन

हरिद्वार। नेपाल में हुई भीषण त्रासदी को लेकर देश-दुनिया में लोग पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और नेपाल के जल्द इस संकट से उबरने की प्रार्थना कर रहे हैं। इसी क्रम में धर्मनगरी हरिद्वार में भी संत समाज ने नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता जताते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

युवा भारत साधु समाज के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संतों ने नेपाल में इस त्रासदी के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। संतों ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत और संत समाज नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।

नेपाल त्रासदी पर हरिद्वार के संतों ने जताया दुख, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए रखा दो मिनट का मौन

नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है संत समाज

श्रद्धांजलि सभा के दौरान संतों ने नेपाल में हुई तबाही पर गहरा दुख जताया। संतों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और त्रासदी की इस घड़ी में नेपाल के लोगों को अकेला महसूस नहीं करना चाहिए। भारत का संत समाज उनके साथ है और हर संभव मदद के लिए आगे आने को तैयार है।

संतों ने अन्य संतों और धार्मिक संस्थाओं से भी नेपाल की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए समाज के सक्षम लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

नेपाल की मदद के लिए होगी बड़ी बैठक

नेपाल की सहायता को लेकर हरिद्वार में संत समाज की ओर से जल्द ही एक बड़ी बैठक आयोजित करने की तैयारी है। संतों के मुताबिक, अगले दो दिनों में होने वाली इस बैठक में विभिन्न अखाड़ों के संतों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक में नेपाल की मदद के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। संत समाज इस बात पर विचार करेगा कि किस तरह राहत सामग्री और आर्थिक सहायता नेपाल तक पहुंचाई जा सकती है।

नेपाल त्रासदी पर हरिद्वार के संतों ने जताया दुख, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए रखा दो मिनट का मौन

प्रधानमंत्री राहत कोष के जरिए मदद पर भी विचार

संतों ने कहा कि नेपाल की सहायता के लिए आवश्यकता के अनुसार स्वयं नेपाल जाकर राहत कार्यों में सहयोग करने या प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से मदद पहुंचाने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा।

संत समाज का उद्देश्य नेपाल में प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाना और इस कठिन समय में उनका मनोबल बढ़ाना है।

संतों ने की नेपाल के लिए प्रार्थना

हरिद्वार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान संतों ने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही नेपाल के लोगों को इस त्रासदी से जल्द उबरने की शक्ति देने की कामना की गई।

संतों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मानवीय संवेदना सबसे महत्वपूर्ण है और भारत का संत समाज नेपाल के साथ खड़ा है।

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