मथुरा। देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा के जिला कारागार में भी रक्षाबंधन का पर्व भावुक माहौल में मनाया गया। शनिवार को जेल प्रशासन की ओर से बंदियों की बहनों के लिए विशेष रूप से खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई।
इस दौरान बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं और अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कई बहनें भावुक हो गईं। बहनों ने अपने भाइयों से अपराध की दुनिया छोड़कर सामान्य और बेहतर जीवन जीने का वादा भी लिया।

बहनों ने भाइयों से लिया दोबारा जेल न आने का वचन
रक्षाबंधन पर जब बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों से मुलाकात की तो माहौल भावुक हो गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
कई बहनों ने अपने भाइयों से कहा कि वे अपराध का रास्ता छोड़ दें और दोबारा ऐसी गलती न करें, जिससे उन्हें जेल की सलाखों के पीछे आना पड़े। बहनों ने भाइयों से वचन लिया कि वे भविष्य में ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिसके चलते परिवार को फिर से इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े।
इस दौरान कई मौकों पर भाई-बहन की आंखें नम दिखाई दीं। राखी बांधने के साथ बहनों ने अपने भाइयों के जल्द बेहतर जीवन की उम्मीद भी जताई।
जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था
रक्षाबंधन के मौके पर जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेल परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
गर्मी को देखते हुए जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए आने वाली बहनों की सुविधा का भी ध्यान रखा। परिसर में टेंट, कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई, ताकि भीषण गर्मी में बहनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया गया, जिससे बहनें अपने भाइयों से मिलकर उन्हें राखी बांध सकें।

महिला कैदियों ने बनाई ईको-फ्रेंडली राखियां
रक्षाबंधन के अवसर पर मथुरा जिला कारागार में बंद महिला कैदियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। महिला कैदियों ने सूखे फूलों और बीजों से ईको-फ्रेंडली राखियां तैयार कीं।
इन राखियों की खास बात यह है कि इन्हें बाद में मिट्टी में बोया जा सकता है। राखी के साथ जुड़े बीज पौधे के रूप में विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
महिला कैदियों की ओर से तैयार की गई इन ईको-फ्रेंडली राखियों के जरिए रक्षाबंधन के पर्व पर पर्यावरण बचाने और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।
रक्षाबंधन पर दिखा भाई-बहन के रिश्ते का भावुक रूप
मथुरा जिला कारागार में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते का एक अलग और भावुक रूप देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों के लिए बहनों की राखी केवल एक त्योहार की रस्म नहीं रही, बल्कि उनके जीवन को नई दिशा देने की अपील भी बनी।
बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे अपराध से दूर रहने और परिवार के साथ बेहतर जीवन जीने का संकल्प लेने की अपील की।





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