ऋषिकेश। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप पहुंचकर सबसे पहले चारधाम यात्रा के लिए बनाए गए रजिस्ट्रेशन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी श्रद्धालु को पंजीकरण के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और सभी प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड पहुंचते हैं और उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

स्वास्थ्य सुविधाओं और आवासीय व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में ठहरने की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता, शौचालयों की व्यवस्था और यात्रियों के लिए आरामदायक वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित सहायता प्रणाली को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

यात्रियों ने की व्यवस्थाओं की सराहना
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से बातचीत कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। अधिकांश यात्रियों ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास और अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताते हुए राज्य सरकार की सराहना की।
कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें आशीर्वाद दिया और यात्रा को व्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना आकर्षण का केंद्र
ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण और महाभारत का प्रसारण किया जा रहा है। यात्रियों ने इस पहल की विशेष सराहना की। उनका कहना है कि प्रतीक्षा के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण उन्हें आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
उत्तर प्रदेश से आई श्रद्धालु कामिनी ने बताया कि उन्होंने सुबह ही अपना पंजीकरण करवाया है और ट्रांजिट कैंप में कूलर, पंखे, पेयजल और अन्य सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि रामायण का प्रसारण होने से समय भी अच्छे से व्यतीत हो रहा है।
वहीं आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ चारधाम यात्रा पूरी कर वापस ऋषिकेश लौटे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट कैंप की सुविधाएं इतनी बेहतर हैं कि वापसी के दौरान भी उन्होंने यहां ठहरने का निर्णय लिया।

लंगर सेवा और स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा
ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए निरंतर लंगर एवं निःशुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिल रही है।
इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और स्वरोजगार से जुड़े सामान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है और स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

चारधाम यात्रा को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के औचक निरीक्षण से स्पष्ट है कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य केवल यात्रा संचालन नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक अनुभव प्रदान करना है।
चारधाम यात्रा के दौरान ट्रांजिट कैंप में उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, धार्मिक वातावरण और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।







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