उत्तराखंड के पर्यटन नगर भीमताल में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से जलापूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि महिलाओं को प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

एक सप्ताह से अधिक समय से बनी हुई है समस्या
भीमताल नगर के गोरखपुर, विकास भवन क्षेत्र, बाईपास रोड, ब्लॉक रोड, जून स्टेट तथा मुख्य बाजार सहित कई इलाकों में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल संस्थान की लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पंपिंग सिस्टम में खराबी, पाइपलाइनों में लीकेज और जलापूर्ति व्यवस्था में लगातार आ रही तकनीकी बाधाओं के चलते लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक विकट हो गई है।
स्थानीय निवासी पूजा थापा ने बताया कि कई दिनों से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। घरों में पीने के पानी से लेकर दैनिक जरूरतों तक के लिए संकट खड़ा हो गया है।

महिलाओं का फूटा गुस्सा, विकास भवन में किया प्रदर्शन
पेयजल संकट से परेशान महिलाओं का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। बड़ी संख्या में महिलाएं विकास भवन पहुंचीं और कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे कई दिनों से संबंधित विभागों और अधिकारियों को समस्या से अवगत करा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय निवासी वीना शर्मा ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
जल संकट से प्रभावित हुआ जनजीवन
पानी की कमी का असर अब लोगों की दैनिक दिनचर्या पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई परिवारों को पानी संग्रह करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कुछ स्थानों पर लोग निजी टैंकरों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान भीमताल में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे समय में पेयजल संकट न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पर्यटन व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय निवासी भावना नालिया ने कहा कि अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
भीमताल में लगातार गहराते पेयजल संकट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पंपों की मरम्मत, पाइपलाइन लीकेज और जल वितरण प्रणाली को दुरुस्त किया जाता तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और जल संस्थान पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाकर पेयजल संकट का स्थायी समाधान करेंगे और भीमतालवासियों को राहत प्रदान करेंगे।






Leave a Reply