ऋषिकेश। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े शुल्क के मुद्दे को लेकर ऋषिकेश में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देहरादून रोड तिराहे पर जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डिजिटल पेमेंट व्यवस्था पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने की मांग की।
प्रदर्शन में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर सौरभ दुबे समेत युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार की ओर से डिजिटल भुगतान और UPI को बढ़ावा दिया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में आम लोग, छोटे दुकानदार और व्यापारी डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार करने लगे हैं। अब व्यापारी लेनदेन पर किसी तरह का शुल्क लागू होने से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है।

डिजिटल भुगतान के शुल्क को लेकर युवा कांग्रेस का विरोध
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले आम जनता और छोटे दुकानदारों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और अब डिजिटल लेनदेन से जुड़े शुल्क की व्यवस्था लाई जा रही है।
इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर सौरभ दुबे ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारी तक UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
हालांकि, केंद्र सरकार की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार UPI पर आम उपभोक्ताओं से लेनदेन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। सरकार के अनुसार MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे ग्राहक से सीधे वसूलने का प्रावधान नहीं है।

दुकानदारों पर बोझ बढ़ने का जताया डर
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत आती है, तो इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव ग्राहकों पर पड़ सकता है। युवा कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि व्यापारी अपनी लागत की भरपाई के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
युवा कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि छोटे दुकानदारों और आम कारोबारियों को डिजिटल भुगतान की वजह से किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मुताबिक ₹2,000 तक के व्यापारी UPI लेनदेन और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा। सरकार ने बताया है कि लगभग 96 प्रतिशत P2M यानी Person-to-Merchant UPI लेनदेन इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे।
युवा कांग्रेस ने उठाई UPI को पूरी तरह शुल्क मुक्त रखने की मांग
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने UPI और डिजिटल भुगतान को लेकर सरकार से स्पष्ट नीति की मांग की। उनका कहना था कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे आम लोगों और छोटे व्यापारियों के लिए सरल और किफायती बनाए रखना जरूरी है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज छोटी खरीदारी से लेकर बड़े भुगतान तक UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव सीधे व्यापारियों और ग्राहकों की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि छोटे दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान से जुड़ी किसी भी अतिरिक्त लागत से बाहर रखा जाए।

ऋषिकेश में सड़क पर उतरकर दर्ज कराया विरोध
देहरादून रोड तिराहे पर प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका विरोध डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि उससे जुड़े संभावित अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर है।
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है और इसका इस्तेमाल छोटे शहरों तथा कस्बों तक तेजी से पहुंचा है। ऐसे में इस व्यवस्था को आम जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाए रखना जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष रवि थापा और इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर सौरभ दुबे ने भी अपनी बात रखी।
क्या है MDR और क्या यह टैक्स है?
डिजिटल भुगतान को लेकर चल रही बहस में MDR और टैक्स के बीच अंतर समझना जरूरी है। केंद्र सरकार के अनुसार MDR यानी Merchant Discount Rate भुगतान से जुड़े बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और अन्य सिस्टम प्रतिभागियों के बीच भुगतान व्यवस्था की लागत से जुड़ा शुल्क है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR को सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं माना गया है।
सरकार के मुताबिक Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पूरी तरह निशुल्क रहेंगे। वहीं ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी जीरो MDR व्यवस्था के तहत निशुल्क रहेंगे।

कांग्रेस ने सरकार से नीति स्पष्ट करने की मांग की
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से डिजिटल भुगतान से जुड़े नियमों को लेकर आम जनता और व्यापारियों के बीच स्पष्ट जानकारी पहुंचाने की मांग की।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि छोटे दुकानदार पहले से ही कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान को लेकर कोई अतिरिक्त लागत आती है तो उसका असर उनके कारोबार पर पड़ सकता है।
युवा कांग्रेस ने मांग की कि UPI और डिजिटल लेनदेन को आम जनता के लिए आसान और किफायती बनाए रखा जाए तथा छोटे व्यापारियों को किसी अतिरिक्त भुगतान लागत से बचाया जाए।






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