उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के जसपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के एसडीओ मदन सैनी पर दबंगई, गुंडागर्दी और जबरन पुराने मीटर तोड़कर स्मार्ट मीटर लगाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके बाद विद्युत विभाग कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।

ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने का किया विरोध
पूरा मामला कुंडा थाना क्षेत्र के कई गांवों का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग की टीम एसडीओ मदन सैनी के नेतृत्व में गांवों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए पुराने मीटर हटाने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के बावजूद बिजली विभाग की टीम ने पुलिस बल बुलाकर पुराने मीटर उखाड़ दिए और उनकी जगह जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिए। आरोप यह भी है कि कई जगह पुराने मीटरों को तोड़कर फेंक दिया गया।

जनप्रतिनिधियों और किसानों ने खोला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य चरनजीत सिंह चन्नी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद जसपुर हुआ एक साथ बैनर तले बड़ी संख्या में लोग विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी अपना समर्थन दिया।

कई मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभाग के सामने कई मांगें रखीं। इनमें लगाए गए स्मार्ट मीटरों को हटाने, गलत तरीके से लगाए गए जुर्माने और पेनल्टी माफ करने, गरीब और भूमिहीन लोगों को बिजली कनेक्शन देने तथा जसपुर में स्थायी एक्सईएन की नियुक्ति की मांग प्रमुख रही।
प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचे एसडीओ सद्दाम हुसैन का घेराव कर अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
“स्मार्ट मीटर जबरन थोपे जा रहे”
धरने में शामिल जनप्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि बिजली विभाग ग्रामीणों पर जबरन स्मार्ट मीटर थोप रहा है। उनका कहना है कि केंद्र या राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट आदेश नहीं है, जिसमें लोगों की इच्छा के खिलाफ स्मार्ट मीटर लगाने की बात कही गई हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर का विरोध करने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा पुलिस बुलाने, मुकदमे दर्ज कराने और कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह बंद करने की मांग करते हुए इसे जनता पर थोपा गया फैसला बताया।
प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध के चलते मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।






Leave a Reply