जसपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर नगर में नो पार्किंग के चालान काटे जाने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। भारी बारिश के बीच जिला पंचायत सदस्य बैलजोड़ी चरनजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में और भारतीय किसान यूनियन के युवा ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह के सहयोग से यूनियन के पदाधिकारियों और क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद पुलिस द्वारा लगातार नो पार्किंग के चालान काटे जा रहे हैं। इसी के विरोध में लोगों ने सुभाष चौक से आक्रोश रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए जसपुर कोतवाली पहुंचकर घेराव किया।

भारी बारिश के बीच निकली आक्रोश रैली
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से पहुंचे लोग भी शामिल हुए। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी सुभाष चौक पर एकत्र हुए और वहां से रैली के रूप में जसपुर कोतवाली की ओर रवाना हुए।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नो पार्किंग के नाम पर काटे जा रहे चालानों को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि नगर में वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था ही नहीं है तो लोगों के खिलाफ लगातार नो पार्किंग की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
पुलिस प्रशासन के सामने रखी मांग
जसपुर कोतवाली पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने वरिष्ठ उप निरीक्षक भोपाल रामपोरी से मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए जसपुर कोतवाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से नगर में उचित पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक नगर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक नो पार्किंग के चालान काटने की कार्रवाई को रोका जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक
कोतवाली में ज्ञापन सौंपने के दौरान नो पार्किंग के चालान काटे जाने को लेकर पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर में पार्किंग की उचित व्यवस्था किए बिना लोगों पर जुर्माना लगाना समस्या का समाधान नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाजार और प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। ऐसे में पहले पार्किंग की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए और उसके बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
कोतवाली का घेराव करने पहुंचे लोगों के मुताबिक, पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि जब तक पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक नो पार्किंग के चालान नहीं काटे जाएंगे। पुलिस की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
हालांकि, भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के बावजूद नो पार्किंग के चालान काटने की कार्रवाई दोबारा शुरू की जाती है तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगर की पार्किंग समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उनका कहना है कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करना जरूरी है। इसके बाद ही नो पार्किंग क्षेत्र में वाहनों को खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा पार्किंग की व्यवस्था किए बिना दोबारा नो पार्किंग के चालान काटे गए तो संगठन की ओर से बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि जसपुर नगर में जल्द से जल्द पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही जब तक पार्किंग की व्यवस्था नहीं होती, तब तक नो पार्किंग के नाम पर काटे जा रहे चालानों को रोका जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका विरोध यातायात व्यवस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका मुद्दा नगर में पार्किंग की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़ा है। उनका कहना है कि लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े करने के लिए उचित स्थान मिलना चाहिए।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है। अब देखना होगा कि नगर में पार्किंग व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और नो पार्किंग चालान को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।






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