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मोटापा ही नहीं, कम वजन भी चिंता का विषय; स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और जीवनशैली पर दें ध्यान

मोटापा ही नहीं, कम वजन भी चिंता का विषय; स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और जीवनशैली पर दें ध्यान

नई दिल्ली। आज के समय में स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। एक तरफ अधिक वजन और मोटापा लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, तो दूसरी ओर कम वजन और शरीर में पोषण की कमी की समस्या भी नजरअंदाज नहीं की जा सकती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर का वजन केवल बाहरी व्यक्तित्व से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली से होता है।

जरूरत से अधिक वजन बढ़ने पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं, कम वजन होने की स्थिति में पर्याप्त पोषण न मिलना, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या जैसे कारणों की जांच जरूरी हो सकती है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए केवल वजन घटाने या बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाय संतुलित पोषण को प्राथमिकता देना जरूरी है।

मोटापा ही नहीं, कम वजन भी चिंता का विषय; स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और जीवनशैली पर दें ध्यान

बदलती जीवनशैली भी बढ़ा रही समस्या

आज की व्यस्त दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों में कमी और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत आम हो गई है। ऑफिस या घर पर लगातार कई घंटे बैठे रहना, नियमित व्यायाम न करना और रोजमर्रा की गतिविधियों में कमी वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा अत्यधिक कैलोरी, चीनी और वसा वाले खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन भी स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। फास्ट फूड, मीठे पेय और असंतुलित खान-पान की आदतें लंबे समय में वजन और पोषण से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए भोजन और शारीरिक गतिविधि के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। बच्चों और युवाओं में भी शुरुआत से ही पौष्टिक भोजन और सक्रिय जीवनशैली की आदत विकसित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

सिर्फ वजन कम करना ही स्वास्थ्य का लक्ष्य नहीं

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ वजन कम करने पर काफी जोर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार केवल वजन कम करना ही स्वस्थ रहने का पैमाना नहीं है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, खनिज, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कम वजन वाले लोगों में भी खान-पान की आदतों और स्वास्थ्य की स्थिति का मूल्यांकन जरूरी हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति का वजन लगातार कम हो रहा है या पर्याप्त भोजन लेने के बावजूद वजन नहीं बढ़ रहा है, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य संबंधी कारण की जांच कराना उचित हो सकता है।

मोटापा ही नहीं, कम वजन भी चिंता का विषय; स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और जीवनशैली पर दें ध्यान

बच्चों और युवाओं के खान-पान पर विशेष ध्यान जरूरी

बच्चों और युवाओं के विकास के लिए पर्याप्त पोषण बेहद महत्वपूर्ण है। बढ़ती उम्र में शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में भोजन में विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।

माता-पिता को बच्चों की खाने की आदतों पर ध्यान देने के साथ उनकी शारीरिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना चाहिए। लंबे समय तक मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर पर बैठे रहने की आदत को कम कर खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

मोटापा ही नहीं, कम वजन भी चिंता का विषय; स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और जीवनशैली पर दें ध्यान

वजन में अचानक बदलाव को नजरअंदाज न करें

यदि किसी व्यक्ति का वजन अचानक तेजी से बढ़ रहा है या लगातार कम हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी तरह लगातार थकान, कमजोरी, भूख में असामान्य बदलाव या खान-पान के बावजूद वजन में परिवर्तन जैसी स्थिति दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

बिना विशेषज्ञ की सलाह के अचानक बहुत कम खाना, कठोर डाइट अपनाना या तेजी से वजन घटाने-बढ़ाने वाले उपायों का सहारा लेना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वजन से जुड़ी समस्या में व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और दैनिक गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी होता है।

संतुलित जीवनशैली पर दें जोर

स्वस्थ रहने के लिए किसी एक चीज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित जीवनशैली अपनाना जरूरी है। पौष्टिक और संतुलित भोजन के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से भी शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। खासतौर पर यदि वजन में लगातार बदलाव हो रहा हो, तो चिकित्सक से सलाह लेकर उचित कारण और समाधान समझना बेहतर रहता है।

स्वास्थ्य का मतलब केवल कम वजन या अधिक वजन नहीं, बल्कि शरीर को पर्याप्त पोषण और सक्रिय जीवनशैली देना है। मोटापे से बचाव के साथ कम वजन और पोषण की कमी पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। जागरूक खान-पान, नियमित गतिविधि और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

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