रुड़की: राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विपक्षी दलों द्वारा विरोध किए जाने पर तीखा हमला बोला। रुड़की में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पंचायतों में आरक्षण तो आसानी से दे देती थी, क्योंकि वहाँ उनका राजनीतिक आधार प्रभावित नहीं होता था, लेकिन संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का रास्ता हमेशा बंद रखा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला ने कहा कि आज जब विपक्ष को अपना राजनीतिक आधार खिसकता दिख रहा है, तो वे हताशा में इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष अब समाज को बांटने का प्रयास कर रहा है।
“परिसीमन का उद्देश्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि जनसंख्या के अनुपात में संतुलित और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। विपक्ष तकनीकी बहाने बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आज की जागरूक महिलाएं उनकी इस हताशा को अच्छी तरह समझ चुकी हैं,” रोहिल्ला ने कहा।

विपक्ष पर लगाया ‘महिला-विरोधी’ होने का आरोप
रोहिल्ला ने आगे कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के प्रति विपक्ष की कुंठा है,” उन्होंने कहा।
समाजसेविका ममता पंगती ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की यह हताशा महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से इन अहंकारी दलों को राजनीति के हाशिये पर धकेल देंगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा रोमा सैनी ने भी कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ यह रवैया जनता स्वीकार नहीं करेगी।

महिला वंदन अधिनियम का महत्व
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
विनय रोहिल्ला ने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का अधिकार देगा, बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाएगा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे हताशा छोड़कर इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा की सदस्यों की भी भारी उपस्थिति रही। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्प है और कोई भी ताकत इस अभियान को रोक नहीं सकती।






Leave a Reply