नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर तीखा हमला बोला। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ किए गए अपने वादे को पूरा नहीं किया और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जबरन हिरासत में लिया जा रहा है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि करीब 10 दिन पहले सरकार ने आंदोलन कर रहे युवाओं के खिलाफ लाठी-डंडों और पेलेट गनों का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के बाद युवाओं ने इस भरोसे पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
‘सरकार अपने ही वादे से मुकर गई’
खरगे ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद अब भाजपा सरकार अपने ही आश्वासन से पीछे हट गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और उन्हें जबरन हिरासत में लिया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे सरकार की प्रतिशोध की राजनीति करार दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि यदि सरकार ने युवाओं के साथ किए गए वादे को तोड़ा है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। खरगे ने प्रधानमंत्री से गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करने और उनसे इस्तीफा लेने की मांग की।

लाठी, डंडों और पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि 10 दिन पहले आंदोलन के दौरान युवाओं पर लाठी-डंडों और पेलेट गनों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
खरगे ने कहा कि युवाओं ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा करते हुए अपना आंदोलन वापस लिया था। ऐसे में अब उनके खिलाफ एफआईआर और हिरासत की कार्रवाई किए जाने से सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।
PM मोदी से की अमित शाह के इस्तीफे की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार में थोड़ी भी जवाबदेही और शर्म बची है तो प्रधानमंत्री को गृह मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं। कांग्रेस लगातार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर रही है। वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

खरगे के आरोपों से गरमाई सियासत
मल्लिकार्जुन खरगे के ताजा बयान ने एक बार फिर केंद्र सरकार की कार्यशैली और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। पार्टी ने सरकार से युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों और कथित हिरासत की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
फिलहाल, खरगे के बयान पर केंद्र सरकार और भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।







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