देहरादून। उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) खुरपिया की प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट विजन के साथ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया को प्रदेश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया। बैठक में देशभर में औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, समयबद्ध क्रियान्वयन और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई।

1,002 एकड़ भूमि NUITL के कब्जे में
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में विकसित किए जा रहे IMC खुरपिया की प्रगति और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि उपलब्ध होने और परियोजना स्थल पर किसी बाधा के नहीं होने से निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार तैयार हो चुका है।
20 मार्च 2026 को हुआ EPC अनुबंध
मुख्यमंत्री ने बताया कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और परियोजना के निर्माण कार्य भी शुरू हो चुके हैं। परियोजना के तहत कुल 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) को क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है।
ROW उपलब्ध होने के बाद सड़क निर्माण सहित परियोजना से जुड़े अन्य आवश्यक कार्यों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नागला-किच्छा SH-44 के फोरलेन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता के लिए केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मजबूत सड़क कनेक्टिविटी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर भी जरूरी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार IMC खुरपिया से जुड़ी बाह्य अवसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नागला-किच्छा SH-44 के करीब 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय और कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
यह मार्ग IMC खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण पर जोर
IMC खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि PITCUL द्वारा 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही और समन्वय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सड़क और विद्युत कनेक्टिविटी IMC खुरपिया में आने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे भविष्य में क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।

दिसंबर 2028 तक पूरा होगा ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की निरंतर निगरानी करने के साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में गति के साथ गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी सामने आने पर संबंधित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई और समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा IMC खुरपिया
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि IMC खुरपिया को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार और NICDIT/NICDC द्वारा गठित SPV से परियोजना के समयबद्ध विकास के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परियोजना से जुड़े राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर है और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में IMC खुरपिया उत्तराखंड के औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे।, खुरपिया औद्योगिक क्लस्टर, उत्तराखंड औद्योगिक विकास, NICDIT बैठक, नागला किच्छा SH-44, 400/220 केवी उपकेंद्र, उत्तराखंड निवेश







Leave a Reply