उत्तराखंड में पिछले कई सप्ताह से चल रहा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सेविकाओं का आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है। सरकार द्वारा मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार का धन्यवाद जताया है। इसी क्रम में रुड़की और नारसन ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने एकत्र होकर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।

लंबे समय से चल रहा था धरना-प्रदर्शन
दरअसल, उत्तराखंड भर में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां पिछले करीब एक महीने से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थीं। देहरादून में लगातार धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकत्रियां मानदेय बढ़ाने, सेवा शर्तों में सुधार और अन्य सुविधाओं की मांग कर रही थीं। आंदोलन के दौरान कई बार सरकार और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी हुई।
आखिरकार सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने अपना धरना स्थगित करने का फैसला लिया।
रुड़की और नारसन ब्लॉक में जताया सरकार का आभार
सरकार के आश्वासन के बाद आज रुड़की और नारसन ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने एक कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का धन्यवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है, जिससे उन्हें उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि वे वर्षों से सीमित संसाधनों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए काम कर रही हैं, इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करना चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन
हालांकि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार का धन्यवाद किया, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी भी दी कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगी।
नारसन ब्लॉक की अध्यक्ष अंजू ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को मानने का भरोसा दिया है और इसी विश्वास के साथ आंदोलन स्थगित किया गया है। लेकिन यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में फिर से जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वहीं उपाध्यक्ष कविता रानी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं और अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम चाहिए।
सचिव शिक्षा देवी ने भी कहा कि सरकार को आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मेहनत और योगदान को समझना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द उनकी मांगों को पूरा करेगी।

महिला और बाल विकास योजनाओं की रीढ़ हैं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
गौरतलब है कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों का पोषण, टीकाकरण जागरूकता और प्राथमिक शिक्षा जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके कंधों पर होती हैं।
इसके बावजूद लंबे समय से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां कम मानदेय और सुविधाओं की कमी को लेकर नाराज चल रही थीं। ऐसे में सरकार के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन थम गया है, लेकिन आने वाले समय में सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।







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