IND vs NZ T20 Series: भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला सेडॉन पार्क, हैमिल्टन में खेला जाना है। टीम इंडिया सीरीज में पहले ही बढ़त हासिल कर चुकी है, लेकिन अब उसकी नजर आखिरी मुकाबले में जीत के साथ सीरीज का शानदार अंत करने पर होगी। इस मैच का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि इसके बाद भारतीय टीम को टी-20 क्रिकेट से लंबा ब्रेक मिलने वाला है। ऐसे में कुछ खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपनी दावेदारी मजबूत करने का आखिरी मौका साबित हो सकता है। खास तौर पर तीन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजर रहने वाली है।
पिछले एक महीने में भारतीय टीम कुल 9 टी-20 मुकाबले खेल चुकी है, जिनमें उसे 5 मैचों में जीत मिली है। अब 1 दिसंबर को होने वाला मुकाबला इस दौरान टीम का 10वां टी-20 मैच होगा। इसके बाद करीब 51 दिनों तक भारतीय टीम कोई टी-20 मुकाबला नहीं खेलेगी। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगामी सीरीज के लिए अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिल सकता है।

1. भुवनेश्वर कुमार: वापसी के बाद नहीं दिखा पुराना जादू
करीब चार साल बाद भारतीय टी-20 टीम में वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड सीरीज अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। लंबे समय बाद टीम में जगह मिलने के बावजूद वह अपने प्रदर्शन से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके।
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, भुवनेश्वर ने तीन मुकाबलों में सिर्फ एक विकेट हासिल किया है। उनका गेंदबाजी औसत 139 बताया गया है। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें चौथे टी-20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन से भी बाहर बैठना पड़ा।
अगर आखिरी मुकाबले में भुवनेश्वर को खेलने का मौका मिलता है, तो उनके पास अपनी गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का भरोसा दोबारा जीतने का अवसर होगा। हालांकि, अगर वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाते हैं, तो आगामी श्रीलंका टी-20 सीरीज में उनकी जगह पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
2. कुमार कुशाग्र: ईशान किशन की वापसी से बढ़ी मुश्किलें
इस सूची में दूसरा नाम युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का है। उन्हें ईशान किशन के चोटिल होने के बाद भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हें अब तक प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिल सका है।
अब ईशान किशन फिट होकर टीम में वापसी कर चुके हैं। इसके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम के विकल्प के रूप में मौजूद हैं। ऐसे में कुमार कुशाग्र के लिए टीम में अपनी जगह बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुशाग्र को इंडिया-ए टीम से खेलने के लिए भेजा गया है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल टीम मैनेजमेंट उन्हें नियमित मैच का अनुभव देने पर ध्यान दे रहा है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज में उनकी वापसी मुश्किल नजर आ रही है।

3. कुलदीप यादव: मौका नहीं मिलने से बढ़ी चिंता
तीसरे खिलाड़ी स्टार स्पिनर कुलदीप यादव हैं। लंबे समय बाद टी-20 टीम में वापसी करने वाले कुलदीप को इस दौरे पर लगातार खेलने का अवसर नहीं मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 9 टी-20 मुकाबलों में उन्हें केवल दो मैचों में ही प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ चार मुकाबले खेले जाने के बावजूद कुलदीप को अब तक मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में आखिरी मैच में भी उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह बनती दिखाई नहीं दे रही है।
कुलदीप यादव की चुनौती केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम संयोजन और दूसरे स्पिन विकल्पों के बीच अपनी जगह बनाए रखने की भी है। यदि उन्हें आगामी टी-20 सीरीज में मौका नहीं मिलता है, तो यह उनके लिए निराशाजनक हो सकता है। हालांकि, वनडे क्रिकेट में उनकी भूमिका बनी रह सकती है।

आखिरी मुकाबला इन खिलाड़ियों के लिए क्यों है अहम?
न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी-20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए सीरीज में जीत दर्ज करने का अवसर है, वहीं कुछ खिलाड़ियों के लिए यह भविष्य की टीम में अपनी जगह मजबूत करने का मौका भी बन सकता है। भुवनेश्वर कुमार को मिले मौके पर प्रदर्शन करना होगा, जबकि कुमार कुशाग्र और कुलदीप यादव के लिए टीम में वापसी की राह आसान नहीं दिख रही है।
हालांकि, इन तीनों खिलाड़ियों का आगामी सीरीज से बाहर होना अभी तय नहीं है। अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के हाथ में होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिरी मुकाबले के बाद टीम इंडिया के टी-20 संयोजन में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।







Leave a Reply