देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस की गौरवशाली परंपरा, शौर्य और अनुशासन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाने के साथ पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।

पुलिस की नई पहचान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों और जवानों को नए गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान में बदलाव केवल ध्वज, प्रतीक और वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि नए प्रतीक चिह्न पुलिसकर्मियों को गौरव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराएंगे। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्दी का सम्मान अच्छे आचरण से और जनता का विश्वास बेहतर सेवा से मजबूत होता है।
‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ होगा उत्तराखण्ड पुलिस का नया संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस, अधिक प्रशिक्षित और सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में अपनाना होगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। देश के प्रथम गृह मंत्री और राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि यह अवसर पुलिस बल सहित प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, हेल्पलाइन 1064 की होगी नियमित समीक्षा
सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है। विकास का वास्तविक लाभ तभी आमजन तक पहुंचेगा, जब सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और लोगों को बिना परेशानी के सरकारी सेवाएं मिलें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के साथ उन व्यवस्थागत खामियों को दूर करना भी जरूरी है, जिनकी वजह से भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत सामने आती है तो वे चुप न रहें और इसकी जानकारी सतर्कता विभाग की हेल्पलाइन 1064 पर दें।
मुख्य सचिव को दिए हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को निर्देश दिए कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा की जाती है, उसी तरह भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और उसके काम का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बनाना सरकार का लक्ष्य है, जहां नागरिकों को सम्मान मिले, सरकारी सेवाओं में लापरवाही न हो और जनता तथा प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत हो।

6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नई पहचान के साथ उत्तराखण्ड पुलिस जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
क्या है उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्नों की खासियत?
उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं।
पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न बनाया गया है, जबकि किनारों पर लाल और स्वर्णिम रंग की पट्टियां शामिल की गई हैं।
इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगाए जाने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड से जुड़ी विशेष साज-सज्जा को शामिल कर सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।

2008 में हुआ था पुलिस ध्वज का पहला अनावरण
उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण इससे पहले 4 अप्रैल 2008 को किया गया था। बदलते समय, नई चुनौतियों और पुलिस बल की बढ़ती जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए अब नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इन नए प्रतीकों के स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।
पदोन्नत अधिकारियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं श्रीमती शाहजहां जावेद खान और श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर सम्मानित किया तथा उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखण्ड पुलिस के लिए नए गौरव चिह्नों का अनावरण राज्य पुलिस की पहचान को आधुनिक स्वरूप देने के साथ उसके सेवा, अनुशासन और जवाबदेही के संकल्प को दोहराने का अवसर बना। अब 6 नवंबर को राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित होने के साथ उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है।








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