देहरादून। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों महान विभूतियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी देश और समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महात्मा गांधी का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग और मानवता के मूल्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से न केवल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि पूरी दुनिया को अहिंसा और शांति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे।

सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले थे महात्मा गांधी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। गांधी जी का मानना था कि समाज में स्थायी बदलाव केवल संघर्ष के माध्यम से नहीं, बल्कि सत्य, संवाद और अहिंसा के रास्ते से भी लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज के सामने अनेक तरह की चुनौतियां हैं, ऐसे में गांधी जी के विचार शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके विचार लोगों को आपसी भाईचारे, सहिष्णुता और मानवता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाने की बात कही थी। उनके विचारों में गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग के कल्याण को विशेष महत्व दिया गया। इसलिए उनके आदर्श आज भी शासन, समाज और सार्वजनिक जीवन के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।
लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और ईमानदारी को किया याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने बेहद सरल जीवन जीते हुए देश की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का व्यक्तित्व देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया और देशहित को हमेशा सर्वोपरि रखा।
शास्त्री जी का प्रसिद्ध उद्घोष ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश की सामूहिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नारे के माध्यम से उन्होंने देश की सुरक्षा में जुटे जवानों और देश की खाद्य एवं कृषि व्यवस्था को मजबूत करने वाले किसानों के महत्व को रेखांकित किया।

जवान और किसान देश की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में उसके जवानों और किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, जबकि किसान देश के करोड़ों लोगों के लिए अन्न उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ के माध्यम से दोनों वर्गों के योगदान को सम्मान दिया।
उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि सादगी और ईमानदारी के साथ भी सार्वजनिक जीवन में बड़ी जिम्मेदारियां निभाई जा सकती हैं। उनके विचार आज भी देश सेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री अलग-अलग क्षेत्रों में अपने योगदान के बावजूद राष्ट्रसेवा के एक ही उद्देश्य से जुड़े हुए थे। दोनों ने अपने जीवन में देशहित, अनुशासन, ईमानदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी को विशेष महत्व दिया।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इन दोनों महान विभूतियों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का मार्ग तथा शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा समाज को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान नेताओं की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन और कार्यों में अपनाने का भी अवसर है। उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

राष्ट्र और समाज की सेवा का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्श देशवासियों को लगातार राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने दोनों महापुरुषों को नमन करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, तभी एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। देशभर में दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके योगदान को याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार देश की अमूल्य धरोहर हैं। सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों को अपनाकर समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।







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