विकासनगर। देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में स्कूल भवन निर्माण से जुड़े भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। कल्याणपुर क्षेत्र में शिमला बायपास रोड के पास एक स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार और स्कूल संचालक के बीच कथित तौर पर विवाद चल रहा है। ठेकेदार ने स्कूल संचालक पर निर्माण कार्य की बकाया रकम का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, भुगतान को लेकर विवाद के कारण ठेकेदार और उससे जुड़े मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की बात भी सामने आई है।

स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण का दिया गया था ठेका
मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर क्षेत्र में शिमला बायपास रोड के नजदीक एक स्कूल संचालक द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में सेटरिंग का ठेका कथित तौर पर दुर्गा प्रसाद नाम के ठेकेदार को दिया गया था। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच नियम और शर्तों के साथ एक एग्रीमेंट भी किया गया था।
ठेकेदार दुर्गा प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने तय शर्तों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कराया, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें उनकी मेहनत और कार्य की बकाया रकम का भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार का कहना है कि भुगतान को लेकर कई बार स्कूल संचालक से संपर्क किया गया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें रकम देने से इनकार कर दिया गया।

बकाया भुगतान के लिए मजदूर लगा रहे चक्कर
ठेकेदार के अनुसार, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का भुगतान भी बकाया है। मजदूर कथित तौर पर अपनी मेहनत की रकम लेने के लिए स्कूल संचालक के घर के चक्कर लगा रहे हैं। ठेकेदार का कहना है कि मजदूरों को भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके सामने भी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
दुर्गा प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर संबंधित स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अभी तक उन्हें बकाया रकम नहीं मिल पाई है, जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
धमकी देने का भी लगाया आरोप
पीड़ित ठेकेदार ने स्कूल संचालक पर कथित तौर पर दबाव बनाने और धौंस देने का भी आरोप लगाया है। ठेकेदार का दावा है कि जब उन्होंने अपने बकाया भुगतान की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर यह कहकर धमकाया गया कि उनके जीजा विधायक हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
हालांकि, इस संबंध में स्कूल संचालक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में स्कूल संचालक का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

मानसिक तनाव में ठेकेदार, आत्महत्या की बात कहकर जताई चिंता
भुगतान नहीं होने और कथित तौर पर लगातार आर्थिक एवं मानसिक दबाव के चलते ठेकेदार दुर्गा प्रसाद ने अपनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वह इस पूरे मामले से मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
ठेकेदार ने कहा कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला और उनकी बकाया रकम का भुगतान नहीं किया गया तो उनकी स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने अपनी जान को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि अगर उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों और प्रशासन की होगी।

न्याय और बकाया भुगतान की मांग
ठेकेदार दुर्गा प्रसाद ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके बकाया भुगतान को दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़ी अपनी जिम्मेदारी पूरी की है और अब उन्हें उनकी मेहनत की रकम मिलनी चाहिए।
मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यदि दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट हुआ है तो उसके नियमों और शर्तों के आधार पर मामले की जांच की जा सकती है। साथ ही, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के भुगतान से जुड़े तथ्यों की भी जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
फिलहाल, ठेकेदार द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्कूल संचालक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।






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