हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कांवड़ियों से संयम, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव की भक्ति, आस्था, तपस्या और अनुशासन का प्रतीक है। ऐसे में प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा की पवित्रता और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने शिवभक्त कांवड़ियों से अपील करते हुए कहा कि जो श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा करते हैं, उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, समर्पण और तप का प्रतीक है।

कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व, प्रदर्शन का नहीं
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भक्ति का पर्व है, इसे प्रदर्शन या अनुशासनहीनता का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी शिवभक्तों से अपील की कि यात्रा के दौरान संयमित व्यवहार करें और भगवान शिव की भक्ति में पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को नशे का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही सभी कांवड़ियों को यातायात नियमों का पालन करने और यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आम जनता के साथ भी सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने की अपील की, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

सेवा, संयम और सदाचार ही सच्ची शिवभक्ति
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सच्ची शिवभक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, संयम, सदाचार और अनुशासन में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ कांवड़ यात्रा करते हैं, तो इससे इस पवित्र धार्मिक यात्रा की गरिमा और प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ती है।
उन्होंने शिवभक्तों से आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखें तथा किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे कांवड़ यात्रा की धार्मिक भावना और पवित्रता प्रभावित हो।

कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में सभी कांवड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे यात्रा के दौरान अनुशासन और मर्यादा का पालन करें।
उन्होंने कहा कि यदि सभी श्रद्धालु नशे से दूर रहकर, यातायात नियमों का पालन करते हुए और आम लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार के साथ कांवड़ यात्रा पूरी करेंगे, तो इससे कांवड़ यात्रा की पवित्रता और गरिमा और भी बढ़ेगी।
श्रीमहंत रवींद्र पुरी की इस अपील का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है, ताकि शिवभक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें और हरिद्वार से गंगाजल लेकर सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।






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