भीमताल/नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 96 करोड़ 71 लाख रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 67 करोड़ रुपये लागत की 6 योजनाओं का लोकार्पण तथा 29.71 करोड़ रुपये की 7 नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भीमताल क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

भीमताल क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के दौरान भीमताल विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण, भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में शामिल करने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखान से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के जीप मार्ग के मिलान तथा रामगढ़ उप तहसील को शीघ्र संचालित करने की घोषणा की। इसके अलावा क्षेत्र में प्राधिकरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की भी बात कही।
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की सुंदर झीलें, हरे-भरे जंगल और हिमालयी पर्वत केवल प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत और प्राकृतिक आपदाएं हमें लगातार चेतावनी दे रही हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने चिपको आंदोलन के माध्यम से दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था और आज फिर उसी भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद (Gross Environment Product – GEP) की अवधारणा को लागू किया है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दे रही है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदी संरक्षण, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सहयोग करने की अपील की।

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क कनेक्टिविटी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार, आधारभूत ढांचे और धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकें।

हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमताल स्थित रामलीला मैदान के निकट श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति दीवान सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नैनीताल को 96.71 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दिए जाने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और प्रकृति के साथ संतुलित विकास के संदेश ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। सरकार का दावा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर उत्तराखंड को एक आदर्श और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।







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