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Arbitrary Practices by Private Schools in Kasganj : कासगंज में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ युवा संगठन का प्रदर्शन | महंगी किताबें, डोनेशन और री-एडमिशन फीस पर लगाम लगाने की मांग

Arbitrary Practices by Private Schools in Kasganj : कासगंज में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ युवा संगठन का प्रदर्शन | महंगी किताबें, डोनेशन और री-एडमिशन फीस पर लगाम लगाने की मांग

कासगंज में यूथ यूनाइटेड फॉर वैल्यूएबल एक्शन (युवा) ने निजी स्कूलों की अनियमितताओं के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। संगठन ने महंगी किताबें, अवैध फीस, डोनेशन और री-एडमिशन पर रोक लगाने की मांग की। NCERT किताबें अनिवार्य करने की भी मांग की गई।

Arbitrary Practices by Private Schools in Kasganj के खिलाफ युवा संगठन का प्रदर्शन | महंगी किताबें, डोनेशन और री-एडमिशन फीस पर लगाम लगाने की मांग

कासगंज में निजी स्कूलों की मनमानी पर यूथ संगठन ने उठाई आवाज

कासगंज जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के साथ की जा रही मनमानी और अनियमितताओं के खिलाफ लगातार विरोध बढ़ रहा है। यूथ यूनाइटेड फॉर वैल्यूएबल एक्शन (युवा) के संयोजक हरवीर भारतीय ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के नाम एक विस्तृत ज्ञापन अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह को सौंपा।

ज्ञापन में निजी स्कूलों की विभिन्न अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य आरोप

हरवीर भारतीय ने ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों को अपनी निजी प्रकाशनों की बहुत महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके अलावा री-एडमिशन, डोनेशन और अन्य विभिन्न मदों के नाम पर अवैध शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि उनका संगठन इन मुद्दों को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन कर चुका है। इसके परिणामस्वरूप 24 मार्च 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा निजी स्कूलों की इन अनियमितताओं पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

मांगें क्या हैं?

ज्ञापन में संगठन ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • आदेश जारी होने के बाद अब तक कितने निजी विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • अभिभावकों को राहत देने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
  • शिक्षा विभाग द्वारा जारी सभी आदेश और परिपत्र आधिकारिक वेबसाइट पर तुरंत सार्वजनिक किए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  • प्रत्येक निजी विद्यालय के मुख्य द्वार पर शुल्क संरचना और नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए।
  • NCERT की पुस्तकें सभी निजी स्कूलों में अनिवार्य की जाएं, ताकि शिक्षा सस्ती और आम अभिभावकों के लिए सुलभ हो सके।

संगठन की चेतावनी

हरवीर भारतीय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन अपना आंदोलन और तेज कर देगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, ऐसे में निजी स्कूलों की अतिरिक्त मनमानी उन्हें और परेशान कर रही है।

संगठन का कहना है कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे महंगा बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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