प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और संसाधनों के संरक्षण को लेकर की गई अपील पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने सरकारी काफिले को आधा कर दिया है और इसे राष्ट्रहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा संरक्षण की अपील केवल बिजली और ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सक्षम भारत के निर्माण का एक सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि जब देशहित सर्वोपरि हो, तब प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का दायित्व बनता है कि वह संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।

मुख्यमंत्री ने आधा किया अपना सरकारी काफिला
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री धामी ने अपने सरकारी काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी है। बताया जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री का काफिला पहले की तुलना में लगभग आधा कर दिया गया है।
इस फैसले को ऊर्जा संरक्षण, ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रियों और अधिकारियों से भी की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचें और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है। यदि सरकार और जनता मिलकर प्रयास करें तो देश में ईंधन की खपत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री के इस आह्वान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत केवल आर्थिक मजबूती का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है और सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
पीएम मोदी ने भी दिखाई पहल
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा के दौरान देशवासियों से ऊर्जा बचत और संसाधनों के संरक्षण की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अगले एक वर्ष तक सोने की खरीद कम करने, ईंधन की बचत करने और जहां संभव हो वहां सार्वजनिक परिवहन तथा मेट्रो का उपयोग करने का आग्रह किया था।
इसी के तहत प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी उदाहरण पेश करते हुए हाल ही में कैबिनेट बैठक में केवल चार वाहनों के छोटे काफिले के साथ पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने सरकारी काफिलों में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने पर भी जोर दिया।

भाजपा शासित राज्यों में दिख रहा असर
प्रधानमंत्री की इस पहल का असर भाजपा शासित कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने अपने सरकारी काफिलों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाया गया यह कदम भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







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