हरिद्वार (कनखल) में LPG सिलेंडर की कमी और वजन घटाने की शिकायतें बढ़ गई हैं। पुष्पक गैस एजेंसी पर 2-3 किलो कम गैस देने और अवैध रिफिलिंग का आरोप। प्रशासन ने छापेमारी शुरू कर नोटिस जारी किया। पूरी खबर पढ़ें।
देवभूमि हरिद्वार में LPG गैस की किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। घर-घर में हाहाकार मचा हुआ है, जबकि गैस एजेंसियों और गोदामों पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। राज्य सरकार घर-घर सुगम आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बता रही है। सिलेंडरों में गैस की घटाटोप और वजन कम होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
खासतौर पर कनखल क्षेत्र की पुष्पक गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां मिलने वाले सिलेंडर में 2 से 3 किलो गैस कम मिल रही है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि सिलेंडर का वजन चेक करने पर कमी साफ नजर आती है, लेकिन एजेंसी संचालक वजन चेकिंग से बच रहे हैं।

वायरल वीडियो और प्रशासन की कार्रवाई
पुष्पक गैस एजेंसी के कर्मचारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गाड़ी में सिलेंडरों से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर रिफिल करते दिखाया गया। इस वीडियो के बाद पूर्ति निरीक्षक ने एजेंसी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। एजेंसी को दो दिनों के अंदर जवाब देना है, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने छापेमारी तेज कर दी है। कई जगहों पर कम वजन वाले सिलेंडर जब्त किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि काला बाजारी और अवैध रिफिलिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपभोक्ताओं की परेशानी
हरिद्वार के कई इलाकों में लोग सिलेंडर बुक करने के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं पा रहे हैं। कुछ जगहों पर तो घोस्ट डिलीवरी (बिना सिलेंडर दिए ही डिलीवरी दिखा देने) की शिकायतें भी आई हैं। खासकर कमर्शियल सिलेंडर की भारी कमी के कारण होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट संकट में हैं। कई जगहों पर खाना पकाने के लिए लकड़ी का सहारा लिया जा रहा है।
एजेंसी संचालकों पर आरोप है कि वे आपदा को अवसर में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। जहां आम आदमी गैस के लिए परेशान है, वहीं कुछ संचालक कथित तौर पर वजन घटाकर या अवैध तरीके से फायदा उठा रहे हैं।

प्रशासन का दावा vs हकीकत
जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग का कहना है कि हरिद्वार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। उन्होंने गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की है और होम डिलीवरी को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए हैं।
लेकिन उपभोक्ता अनुभव कुछ और बता रहे हैं। लंबी कतारें, देरी से डिलीवरी और कम वजन वाले सिलेंडर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
क्या कहते हैं स्थानीय?
स्थानीय निवासी कह रहे हैं कि “सिलेंडर तो आ रहा है, लेकिन उसमें गैस ही कम है। 14.2 किलो का सिलेंडर 11-12 किलो का लग रहा है।” कई महिलाएं घरेलू कामकाज में दिक्कत बता रही हैं।
पुलिस और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी या काला बाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अपडेट: जिला प्रशासन लगातार गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रहा है। पुष्पक गैस एजेंसी मामले में अब तक का जवाब आना बाकी है। जैसे ही नई जानकारी मिलेगी, हम आपको अपडेट करेंगे।
उपभोक्ताओं से अपील: गैस की जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग करें, अफवाहों से बचें और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077 या जिला पूर्ति कार्यालय से संपर्क करें।

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