ऋषिकेश। पवित्र त्रिवेणी घाट पर नगर निगम की पार्किंग को लेकर ठेकेदार की मनमानी पर नगर निगम ने सख्त एक्शन लिया है। ठेकेदार निर्धारित प्लेटफार्म की जगह गंगा की जलधारा के पास घाट की सीढ़ियों पर दोपहिया वाहनों की पार्किंग कर लाखों रुपये का अनुचित मुनाफा कमा रहा था, जिससे न सिर्फ नगर निगम की बदनामी हो रही थी, बल्कि श्रद्धालुओं और वाहन सवारों की जान भी खतरे में पड़ रही थी।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीम भेजकर मौके पर जांच कराई। जांच टीम ने पाया कि ठेकेदार ने नगर निगम द्वारा तय किए गए पार्किंग प्लेटफार्म को पूरी तरह अनदेखा कर गंगा घाट की सीढ़ियों पर दोपहिया वाहनों की जमकर पार्किंग कराई जा रही थी। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने या घटने पर वाहनों के साथ यात्रियों की जान को भी गंभीर खतरा था।

नगर निगम की सख्त कार्रवाई
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित प्लेटफार्म पर ही की जाए।
ठेकेदार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर दोबारा ऐसी कोई शिकायत मिली तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ठेका रद्द करना भी शामिल हो सकता है।

क्या था पूरा मामला?
त्रिवेणी घाट पर नगर निगम ने पार्किंग के लिए एक स्पष्ट प्लेटफार्म तय किया हुआ है। लेकिन ठेकेदार ने अपने फायदे के लिए इस नियम की अनदेखी कर घाट की निचली सीढ़ियों पर दोपहिया वाहनों को पार्क करना शुरू कर दिया था। इससे ठेकेदार को अतिरिक्त कमाई हो रही थी, लेकिन गंगा किनारे की यह अनधिकृत पार्किंग पर्यावरण और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन गई थी।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की शिकायत पर नगर निगम हरकत में आया और ठेकेदार की मनमानी पर तुरंत अंकुश लगाया गया।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा,
“त्रिवेणी घाट हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत है। यहां किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठेकेदार को सख्त हिदायत दी गई है कि वह निर्धारित नियमों का पालन करें, अन्यथा ठेका रद्द कर दिया जाएगा।”
यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा स्वच्छता, सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर की गई सख्ती का अच्छा उदाहरण है।






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