पटना, 13 नवंबर 2025** – बिहार की सियासी गलियों में आज हलचल मची हुई है। कल, 14 नवंबर को होने वाली मतगणना से राज्य की राजनीतिक दिशा-दिशा तय हो जाएगी। दो चरणों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कुल 243 सीटों पर वोटिंग हुई, जिसमें एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। क्या नीतीश कुमार चौथी बार मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर विराजमान होंगे, या तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन सत्ता की कमान संभालेगा? आइए, जानते हैं चुनाव के पूरे घटनाक्रम और कल के मतगणना पर नजर डालें।

कितनी सीटो पर कितना मतदान हुआ
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की अधिसूचना 6 अक्टूबर को जारी हुई थी। चुनाव आयोग ने इसे दो चरणों में आयोजित किया – पहला चरण 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरा चरण 11 नवंबर को बाकी 122 सीटों पर। कुल 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पहले चरण में 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग हुई, जहां 1,314 उम्मीदवार मैदान में थे। दूसरे चरण में भी उतनी ही जोरदार वोटिंग देखने को मिली। चुनाव आयोग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए 68.5 लाख पुराने वोटरों के नाम हटाए और 21.5 लाख नए वोटर जोड़े, जिससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी बनी।

मुकाबले में किस पार्टी ने किन किन मुद्दों को उठाया
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए (BJP, JDU, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) और महागठबंधन (RJD, congress, वाम दल) के बीच रहा। एनडीए ने विकास, महिला सशक्तिकरण और बेरोजगारी पर जोर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘सुशासन बाबू’ की छवि को मजबूत करने के लिए खगड़िया, मुंगेर और नालंदा जैसे जिलों में रैलियां कीं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जोरदार प्रचार किया। दूसरी ओर, महागठबंधन ने नौकरी, पलायन और बेरोजगारी के मुद्दों को उठाया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने खगड़िया और पटना के इलाकों में रैलियां कीं, जबकि कांग्रेस के कन्हैया कुमार ने पैदल मार्च के जरिए युवाओं को जोड़ा। राहुल गांधी ने भी अगस्त में बिहार दौरे पर वोटर लिस्ट की खामियों पर सवाल उठाए।
चुनाव प्रचार के दौरान कई रोचक घटनाएं भी घटीं। तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप लगाया, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे खारिज कर दिया। कुल मिलाकर, दोनों गठबंधनों के स्टार प्रचारकों ने बैक-टू-बैक रैलियां कीं, जिससे सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया। पहले चरण में 16 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर थी, जिनमें से 11 बीजेपी के थे।

सब की निगाहे टिकी है कल की मतगणना पर
अब सारी निगाहें कल की मतगणना पर टिकी हैं। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना में ईवीएम और वीवीपैट की जांच के बाद रुझान आने लगेंगे। चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एनडीए को 130 से अधिक सीटें मिलीं, तो नीतीश सरकार मजबूत बनेगी। वहीं, महागठबंधन को बहुमत मिला तो तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। कुछ सर्वे में एनडीए को हल्की बढ़त बताई गई है, लेकिन अंतिम रुझान कल ही साफ होंगे।
बिहार के इस चुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह 2024 लोकसभा चुनावों के बाद पहला बड़ा राज्य चुनाव है। यहां के नतीजे विपक्षी एकता की ताकत को परखेंगे। क्या बिहार फिर से ‘नीतीश का गढ़’ बनेगा या ‘तेजस्वी की लहर’ चलेगी? कल का दिन ही बताएगा।
हम आपके लिए लाइव अपडेट लाते रहेंगे। मतगणना के रुझान और अंतिम नतीजों के लिए बने रहें। आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं – कौन जीतेगा बिहार का सियासी ताज?








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