उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन कर माँ राजेश्वरी का अभिषेक एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।

श्रीयंत्र के दर्शन कर मिली आध्यात्मिक अनुभूति
डोल आश्रम पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में स्थापित विशाल श्रीयंत्र एवं वहां संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यहां स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र के दर्शन कर उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कल्याणदास की तपस्या, साधना और समर्पण के कारण यह स्थान आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह आश्रम अब आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बन गया है।

बाबा कल्याणदास के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री धामी ने बाबा कल्याणदास द्वारा वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र भारतीय सनातन परंपरा, संस्कृति और अध्यात्म को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना आश्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि डोल आश्रम आज धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चारधाम यात्रा में हर वर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डोल आश्रम जैसे केंद्र उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से नई पहचान दिलाने में सहायक साबित हो रहे हैं।







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