मुंबई के जुहू में अभिनेता की कार पर चली थीं 7 गोलियां, राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी; सोशल मीडिया वीडियो से जुटाई जा रही थी जानकारी
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमले को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों ने वारदात से पहले अभिनेता के घर और जिम की रेकी की थी। आरोप है कि आरोपी करीब 10 दिनों तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय पर नजर रख रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर मौजूद पैपराजी वीडियो और ब्लॉगर्स के कंटेंट के जरिए अभिनेता की दिनचर्या से जुड़ी जानकारी जुटा रहे थे।
बताया जा रहा है कि रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर उस समय फायरिंग की गई, जब वह फुटबॉल ग्राउंड से घर लौट रहे थे। बाइक सवार तीन हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए सात राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और मामले में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।

कार पर चलाई गईं सात गोलियां, पांच लगीं निशाने पर
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार की विंडशील्ड और साइड की खिड़कियों को निशाना बनाया था। फायरिंग के दौरान सात गोलियां चलाई गईं, जिनमें से पांच कार पर लगीं, जबकि दो गोलियां निशाने से चूक गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पांचवीं गोली चलाने के बाद यात्री की तरफ वाली खिड़की के पास मौजूद एक हमलावर कार के करीब पहुंचा और अभिनेता पर नजदीक से गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, उसकी पिस्तौल जाम हो गई और वह फायर नहीं कर सका।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों की भूमिका और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों के संबंध में जांच कर रही है।
घर और जिम की पहले की गई थी रेकी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि वे करीब 10 दिनों तक अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और उनके आने-जाने के समय तथा अक्सर पहुंचने वाली जगहों की जानकारी जुटा रहे थे।
जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध पैपराजी वीडियो और ब्लॉगर्स की पोस्ट का इस्तेमाल अभिनेता की दिनचर्या से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए किया। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल कथित साजिश को अंजाम देने में किस तरह किया गया।

कोटा रेलवे स्टेशन से तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी है। इनमें से एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि हमलावरों को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने काम सौंपा था। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष और आरोपियों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि को ध्यान में रखना जरूरी है।
व्हाट्सऐप और सिग्नल के जरिए संपर्क में रहने का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अपने हैंडलर्स के संपर्क में व्हाट्सऐप और सिग्नल ऐप के माध्यम से थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वारदात की जगह की लोकेशन भी इन्हीं ऐप्स के जरिए आरोपियों के साथ साझा की गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना किसने बनाई, आरोपियों को निर्देश कौन दे रहा था और इस घटना के पीछे असल मकसद क्या था। डिजिटल संपर्क और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच मामले में अहम मानी जा रही है।

सोशल मीडिया से निजी जानकारी जुटाने पर फिर उठे सवाल
टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और पोस्ट के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखे जाने का दावा एक बार फिर सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। मशहूर कलाकारों की दिनचर्या, लोकेशन और नियमित आवाजाही से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन सामने आने पर उसका गलत इस्तेमाल होने का खतरा भी रहता है।
फिलहाल पुलिस मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने और हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का अहम पहलू कथित हैंडलर्स की पहचान और हमले में उनकी भूमिका का पता लगाना है।
नोट: हमले की साजिश, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जांच सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इन दावों को जांच में पुष्ट तथ्यों से अलग समझा जाना चाहिए।







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