जालौन के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में उमरी गांव से नावर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह अचानक सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया। सड़क के बीचोंबीच अचानक हुए इस गड्ढे के कारण मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क धंसने के बाद गड्ढे का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थिति और चिंताजनक होती जा रही है। फिलहाल वाहन चालक इस स्थान से बेहद सावधानी के साथ गुजरने को मजबूर हैं।

अचानक सड़क धंसने से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, उमरी गांव से नावर जाने वाला मुख्य मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, दोपहिया वाहन, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहन गुजरते हैं। शनिवार सुबह अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। कुछ ही समय में सड़क के बीच एक बड़ा गड्ढा दिखाई देने लगा।
सड़क के अचानक धंसने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी। लोगों का कहना है कि यदि कोई वाहन चालक तेज गति से इस स्थान से गुजरता है और उसे समय रहते गड्ढा दिखाई नहीं देता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
लगातार बढ़ रहा सड़क धंसे का हिस्सा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क धंसने के बाद प्रभावित हिस्सा धीरे-धीरे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो सड़क का और हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण करना चाहिए। इसके साथ ही सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा सामने न आए।

बैरिगेटिंग और चेतावनी बोर्ड नहीं होने से बढ़ा खतरा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क पर बड़ा गड्ढा बनने के बावजूद अभी तक मौके पर बैरिगेटिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि दिन के समय तो किसी तरह वाहन चालक गड्ढे को देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन रात के समय यहां स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
अंधेरे में सड़क के बीचोंबीच बने गड्ढे का पता नहीं चलने पर दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। वहीं तेज गति से आने वाले चारपहिया और अन्य वाहनों के लिए भी यह स्थान जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक संबंधित विभाग की ओर से तत्काल बैरिगेटिंग और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। इससे वाहन चालकों को पहले से ही सड़क की खराब स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और संभावित हादसे को रोका जा सकेगा।
ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत कराने की उठाई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि उमरी-नावर मुख्य मार्ग पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में सड़क के बीचोंबीच बड़ा गड्ढा बन जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया जाए और गड्ढे की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि सड़क किस वजह से धंसी है। यदि सड़क के नीचे मिट्टी के कटाव, जल निकासी या किसी अन्य तकनीकी कारण से यह समस्या हुई है तो उसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढे को भर देना पर्याप्त नहीं होगा। सड़क धंसने के कारणों की जांच कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से मरम्मत की जानी चाहिए, ताकि आने वाले दिनों में दोबारा सड़क धंसने की समस्या सामने न आए।

हादसे से पहले कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अपील की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। सड़क पर सुरक्षा इंतजाम और मरम्मत का काम जल्द शुरू होने से राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।
लोगों का कहना है कि अगर गड्ढा इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में मार्ग पर आवागमन और मुश्किल हो सकता है। बारिश या पानी जमा होने की स्थिति में सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा और कमजोर होने की आशंका भी बनी हुई है।
फिलहाल उमरी-नावर मुख्य मार्ग पर सड़क धंसने और बड़ा गड्ढा बनने से हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था करने और सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में कितनी जल्द कार्रवाई करता है।






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