नैनीताल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन और ‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कूल पंचायत के अंतर्गत आने वाले चोपड़ा, सिरसा, नैनीपुल सहित आसपास के गांवों में ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता हेम आर्य के सामने अपनी परेशानियां रखीं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत निर्माण कार्य होने के बावजूद अब तक घरों तक नियमित पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिसके चलते उन्हें आज भी कई किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताई पेयजल की समस्या
कूल पंचायत में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पंपिंग योजना और हर घर जल योजना का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार योजना के तहत एक-एक लाख लीटर क्षमता वाले दो पानी के टैंक और करीब 30 हजार लीटर क्षमता का एक अन्य टैंक बनाया गया है। हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बनाए गए नए टैंकों में अभी से दरारें यानी क्रैक दिखाई देने लगे हैं। इसके अलावा पानी की सप्लाई के लिए आवश्यक मशीनरी और अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी तरह स्थापित नहीं हो सकी हैं। इसके कारण योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
पेयजल संकट का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को भी पानी की व्यवस्था करने में काफी समय और मेहनत करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से हर घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना शुरू की गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर काम अधूरा रहने के कारण उन्हें अभी भी पुरानी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द योजना को पूरा कर पानी की नियमित सप्लाई शुरू करने की मांग की है।

हेम आर्य ने जल संस्थान के अधिकारियों को लगाई फटकार
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता हेम आर्य ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही मोबाइल फोन के माध्यम से जल संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की और ग्रामीणों की समस्या से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
हेम आर्य ने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों को जल्द राहत दिलाई जाए।
बजट की कमी को बताया गया देरी का कारण
जल संस्थान के अधिकारियों से हुई बातचीत के दौरान बजट की कमी को योजना के काम में देरी का प्रमुख कारण बताया गया। इस पर हेम आर्य ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने भी रखेंगे और जल्द से जल्द समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है और जो भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जाएगा।

टैंकों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल
ग्रामीणों ने पानी के टैंकों में दरारें आने को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि टैंकों की समय रहते मरम्मत नहीं की गई और पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और टैंकों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
विधायक की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी
बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों में क्षेत्रीय विधायक को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग की।

ग्रामीणों को दिया समस्या के समाधान का भरोसा
हेम आर्य ने ग्रामीणों को शांत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनहित के मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों के साथ खड़ी है और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से पेयजल समस्या को लेकर अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने को कहा और भरोसा दिलाया कि वह संबंधित विषय पर मुख्यमंत्री से भी वार्ता करेंगे।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी भाजपा नेता के सामने रखा।
कार्यक्रम में जीवन चंद्र, राजन लाल, नंद किशोर, लीला देवी, चंपा देवी, कमला देवी, बसंती देवी, नवीन चंद्र, दिनेश तिवारी, नारायण सिंह खत्री, सुखदेव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
निष्कर्ष
कूल पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या ने एक बार फिर ‘हर घर जल’ योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। योजना के तहत टैंक निर्माण के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू न होने और टैंकों में दरारें आने के आरोपों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि जल संस्थान और प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और कब तक गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो पाती है।







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