शाहजहांपुर में प्रस्तावित नुमाइश (मेले) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शहर के खिरनीबाग टाउनहाल में हर वर्ष आयोजित होने वाली नुमाइश इस बार ईदगाह के पीछे आयोजित किए जाने की तैयारी है। इस बदलाव को लेकर कुछ स्थानीय संगठनों और लोगों ने आपत्ति जताई है।

हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
स्थानीय हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने नुमाइश के आयोजन स्थल और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर विरोध दर्ज कराया है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस आयोजन से क्षेत्र में भीड़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा और सामाजिक माहौल को लेकर भी चिंता जताई है।

राजेश अवस्थी ने रखी अपनी बात
इस मामले में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अवस्थी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नुमाइश 5 मई से शुरू होकर लगभग एक महीने तक चलेगी, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
यातायात और सुरक्षा को लेकर चिंता
विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि नुमाइश के दौरान शाम और रात के समय बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिससे क्षेत्र में भीड़भाड़ बढ़ती है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात करने और अव्यवस्थित भीड़ पर नियंत्रण के लिए ठोस योजना बनाने की अपील की।

प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
विरोध कर रहे लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि नुमाइश के आयोजन से पहले सभी जरूरी पहलुओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आगे भी विरोध जारी रह सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को संतुलित तरीके से संभालेगा।






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