उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और लोक संस्कृति के प्रतीक हरेला पर्व को इस वर्ष बड़े स्तर पर मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में हरेला पर्व के सफल आयोजन, क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति, विद्यार्थियों के लिए यातायात सुविधाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

हरेला पर्व को जन-जन का उत्सव बनाने पर जोर
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में हरेला पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए प्रत्येक जनपद अपना विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करे। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली और जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अभियान है। इसलिए इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ), न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों को इस अभियान से जोड़ते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उनका कहना था कि जब समाज के सभी वर्ग इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सार्थक होगा।
क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश में विकसित किए जा रहे क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों को सभी आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए, जहां कम समय और कम संसाधनों में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
विद्यार्थियों के लिए यातायात सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए क्लस्टर विद्यालयों की सफलता के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने गढ़वाल मंडल आयुक्त और कुमाऊँ मंडल आयुक्त को निर्देश दिए कि वे इस योजना की साप्ताहिक समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि क्लस्टर विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जल्द से जल्द यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता तभी सुनिश्चित होगी जब विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिक्षा और पर्यावरण दोनों सरकार की प्राथमिकता
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों क्षेत्रों को समान प्राथमिकता दे रही है। एक ओर हरेला पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर क्लस्टर विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को इनका वास्तविक लाभ मिल सके।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, चंद्रेश कुमार यादव, विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए और अपने-अपने जनपदों में चल रही तैयारियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा की।
जनभागीदारी से सफल होगा हरेला अभियान
राज्य सरकार का मानना है कि हरेला पर्व केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का व्यापक अभियान है। वहीं क्लस्टर विद्यालयों की पहल उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है। ऐसे में सरकार दोनों अभियानों को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी और समीक्षा कर रही है, ताकि प्रदेश के नागरिकों और विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।







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