देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन हुआ।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उत्तराखंड राज्य निर्माण के आंदोलन में अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। समारोह में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए। इनमें 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर और 6 को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आपदा में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और जिन लोगों ने अपने घर या आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता देना है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को भी जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

2026 को बताया ऐतिहासिक वर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक वर्ष है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। साथ ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती और सिख पंथ के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने वाले, अपनों को खोने वाले और विस्थापन का दर्द सहने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तराखंड को 2035 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही। इसके अलावा जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किए जाने की जानकारी दी गई।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं से उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। वहीं इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व को लेकर भी नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई।
युवाओं और स्वरोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार की ओर से इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने तथा होम-स्टे और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के जरिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
छात्रों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के प्रथम चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

महिला और किसान कल्याण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने की 7 बड़ी घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
1. विशेष औद्योगिक पार्क: चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
2. युवा आयोग: प्रदेश के प्रथम ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।
3. सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को प्रोत्साहन: सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4. भूमिधरी अधिकार: वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
6. युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजना: 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
7. बाल वीरता पुरस्कार: प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
विकास के साथ विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का सरकार पर विश्वास केवल राजनीतिक समर्थन नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल सहित शासन-प्रशासन के कई अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।







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