शाहजहांपुर में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। यहां आवारा कुत्तों के झुंड ने 11 वर्षीय मासूम बच्ची पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला, जिससे इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। वहीं नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खेत पर सब्जी तोड़ने गई थी बच्ची
घटना रविवार सुबह करीब सात बजे ककरा स्थित चार्जिंग स्टेशन प्वाइंट के पास की बताई जा रही है। ककरा निवासी नईम अपनी 11 वर्षीय बेटी सवालिया के साथ खेत पर सब्जी तोड़ने गए थे। इसी दौरान नईम ने बेटी को अपने भाई इकराम को बुलाने के लिए घर भेजा।
बताया जा रहा है कि जैसे ही बच्ची कुछ दूरी पर पहुंची, तभी 5 से 6 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची की गर्दन समेत शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला। बच्ची के शरीर पर 10 से 12 गहरे घाव पाए गए।

खून से लथपथ हालत में मिली बच्ची
मौके से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को कुत्तों से घिरा देखा और तुरंत उसके पिता नईम को सूचना दी। जब परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ी थी और कुत्ते उसे नोच रहे थे। यह भयावह दृश्य देखकर पिता नईम बेहोश हो गए।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और गंभीर रूप से घायल बच्ची को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिवार में मचा मातम
मासूम सवालिया की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां शबाना का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बच्ची के शव को घर ले गए।
मृतक बच्ची के चाचा रफी अहमद ने बताया कि सवालिया की चार बड़ी बहनें फूल बी, असरा, निशरा और आलिया हैं, जबकि दो भाई अजीम और इकराम हैं। परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है।

डॉक्टर ने बताई गंभीर स्थिति
राजकीय मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. मेहराज अहमद ने बताया कि बच्ची को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसके शरीर और गर्दन पर कुत्तों के काटने के कई गहरे निशान थे। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
नगर निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम और प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा कुत्तों की नसबंदी और पकड़ने के अभियान के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। लोगों ने प्रशासन से शहर में आवारा कुत्तों पर तत्काल नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान दिया जाता तो एक मासूम की जान नहीं जाती।






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