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Emphasis on innovation and skill development in higher education : राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले – “विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी”, उच्च शिक्षा में नवाचार और कौशल विकास पर दिया जोर

Emphasis on innovation and skill development in higher education : राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले – “विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी”, उच्च शिक्षा में नवाचार और कौशल विकास पर दिया जोर

नैनीताल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सरोवर नगरी नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में कुलपति और विभिन्न संकायाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के कौशल विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं।

Emphasis on innovation and skill development in higher education : राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले – “विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी”, उच्च शिक्षा में नवाचार और कौशल विकास पर दिया जोर

“विद्यार्थी विश्वविद्यालय की मुख्य धुरी”

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी विश्वविद्यालय की मुख्य धुरी होते हैं और शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार समर्पित और प्रेरित शिक्षक ही होते हैं।

उन्होंने पूर्व छात्रों यानी अल्मुनी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और सहयोग को विश्वविद्यालयों के विकास से और अधिक मजबूती से जोड़ा जाना चाहिए।

Emphasis on innovation and skill development in higher education : राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले – “विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी”, उच्च शिक्षा में नवाचार और कौशल विकास पर दिया जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सुधार, डिजिटल व्यवस्थाओं, शोध गतिविधियों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम समयानुकूल, रोजगारपरक और व्यावहारिक होना चाहिए ताकि विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और नवाचार की सोच भी विकसित हो सके।

स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपील

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप, प्रयोगात्मक शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल और रोजगार के अवसरों से भी जोड़ना आवश्यक है।

जियोलॉजी और केमिस्ट्री विभाग की उपलब्धियों की सराहना

बैठक के दौरान राज्यपाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूविज्ञान (जियोलॉजी) विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और उसके पूर्व नेतृत्व द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

इसके साथ ही उन्होंने रसायन विज्ञान विभाग द्वारा नैनीताल झील के जलीय जीवन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाना चाहिए।

एनसीसी गतिविधियों की भी हुई सराहना

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की नौसेना एनसीसी (Naval NCC) की गतिविधियों और अनुशासनात्मक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार की भावना से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं को तैयार करना होगा ताकि वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

कुलपति ने साझा की विश्वविद्यालय की उपलब्धियां

बैठक में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी राज्यपाल को दी। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा सहित विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

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