रुद्रपुर: रुद्रपुर स्थित एक निजी होटल में गुरुवार को आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही पूरा परिसर “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पंजाबी गौरव सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, संस्कार, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की महान परंपरा भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गुरु साहिबान का जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष की देता है प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिबान का जीवन समाज को अन्याय के सामने न झुकने, जरूरतमंदों की सेवा करने, मानवता की रक्षा करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा वास्तव में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की जीवंत मिसाल है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा में सेवा, त्याग, साहस और मानवता के मूल्यों का विशेष स्थान है। यही मूल्य समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में सिख समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आने वाले समय में भी यह योगदान निरंतर जारी रहेगा।
देश के निर्माण में पंजाबी समाज की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देश के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सीमा पर देश की रक्षा से लेकर खेतों में अन्न उत्पादन, उद्योग और व्यापार को गति देने तथा आपदा के समय सेवा कार्यों तक पंजाबी और सिख समाज का योगदान अनुकरणीय रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से तराई क्षेत्र के विकास में पंजाबी समाज की भूमिका को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तराई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और इस क्षेत्र को नई पहचान दिलाने में पंजाबी समाज ने अपने परिश्रम और संकल्प के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तराई क्षेत्र के विकास की कहानी में पंजाबी समाज की मेहनत और संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समाज के लोगों ने कृषि, व्यापार, उद्योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था को दिया सम्मान: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था, बलिदान और गौरवशाली परंपराओं को राष्ट्रीय सम्मान देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण, लंगर को सभी प्रकार के करों से मुक्त करने, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति देने और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती के भव्य आयोजन का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देते हुए वीर बाल दिवस घोषित किया गया। इसके अलावा अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत लाने का कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर आगे बढ़ा काम
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड और सिख समाज के भावनात्मक एवं आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र चरण देवभूमि उत्तराखंड में पड़े हैं। हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसी पवित्र धरोहरें उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने कहा कि इस रोपवे के निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब की यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुगम होगी। इससे तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विभाजन की त्रासदी को सम्मान देने के लिए स्मृति स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण और सर्वस्व गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान देने के लिए उत्तराखंड सरकार ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को सख्त किए जाने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार सभी समुदायों की संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली विरासत को सम्मान देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जुड़ी रहे।
युवाओं से गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को सिख गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ युवाओं का अपनी संस्कृति, संस्कार और गौरवशाली विरासत से जुड़े रहना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकसित उत्तराखंड का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसा प्रदेश बनाना है जहां विकास के साथ विरासत का सम्मान हो, आधुनिकता के साथ संस्कार हों और प्रगति के साथ सामाजिक समरसता भी कायम रहे।

गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने तराई क्षेत्र को बसाने और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि तराई क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
राष्ट्र निर्माण में सिख समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण: नितिन नवीन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी सिख समाज के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भविष्य में भी देश के विकास एवं प्रगति में अपनी अहम भागीदारी निभाता रहेगा।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता के सामूहिक प्रयासों से इस लक्ष्य को निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सिख समाज सहित समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। सभी वर्गों के सामूहिक प्रयासों से ही भारत को विकसित और मजबूत राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है।

कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग रहे मौजूद
पंजाबी गौरव सम्मेलन में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक प्रदीप बत्रा, राम सिंह कड़ा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोड़ा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, विधायक त्रिलोक चीमा, अरविंद पांडे, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह राजू, सुरेंद्र नामधारी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, तरुण बंसल, खिलेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ. प्रेम सिंह राणा, गुरविंदर सिंह चंदोक सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिख और पंजाबी समाज की सेवा, साहस, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया। वहीं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री का बयान श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकसित भारत के निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया।







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