हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पंजाब से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर और एक कार बरामद की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ढाबे और कपड़ों के कारोबार की आड़ में लंबे समय से नकली करेंसी का अवैध कारोबार चला रहे थे।
पहले हरिद्वार में हुई थी चार आरोपियों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले की शुरुआत 6 जुलाई को हुई थी, जब हरिद्वार की कोतवाली नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो जोड़ी पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 84 हजार 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे। चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए दो आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पंजाब में सक्रिय फेक करेंसी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
पंजाब में छापेमारी कर दो आरोपियों को दबोचा
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर हरिद्वार पुलिस की विशेष टीम पंजाब पहुंची। पुलिस ने पठानकोट हाईवे स्थित एक ढाबे पर छापेमारी कर पवन कुमार और सुखबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 5 हजार रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर और वारदात में प्रयुक्त वरना कार बरामद की।

50 हजार के बदले देते थे 1 लाख रुपये के नकली नोट
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से नकली करेंसी का कारोबार चला रहे थे। आरोपियों का तरीका यह था कि वे लोगों से 50 हजार रुपये असली नकदी लेते थे और बदले में 1 लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराते थे, जिससे उन्हें मोटा मुनाफा होता था।
पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और इसकी जांच अब और गहराई से की जा रही है।
ढाबा और कपड़ों के कारोबार की आड़ में चल रहा था फर्जी धंधा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार पंजाब में एक ढाबा संचालित करता है, जबकि दूसरा आरोपी सुखबीर सिंह कपड़ों के व्यापार की आड़ में नकली नोटों का कारोबार करता था।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
- सुखबीर सिंह बैंक फ्रॉड और जाली करेंसी के मामलों में पहले भी जेल जा चुका है।
- पवन कुमार एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल की सजा काट चुका है।
पुलिस के अनुसार दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी और वहीं से उन्होंने नकली नोटों का कारोबार शुरू करने की योजना बनाई।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हरिद्वार पुलिस
हरिद्वार पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किन-किन राज्यों में की जा रही थी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
एसएसपी ने कहा- फेक करेंसी नेटवर्क पर जारी रहेगा अभियान
इस मामले में एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि हरिद्वार पुलिस नकली करेंसी के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पंजाब में कार्रवाई की गई, जहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नकली नोट और अन्य सामान बरामद किया गया है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- हरिद्वार पुलिस ने फेक करेंसी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का किया खुलासा।
- पंजाब से दो आरोपी गिरफ्तार, ₹1.05 लाख के नकली नोट बरामद।
- नकली नोट छापने वाला प्रिंटर और वरना कार भी जब्त।
- पहले हरिद्वार से चार आरोपी 84,500 रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार हुए थे।
- आरोपी 50 हजार रुपये लेकर 1 लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराते थे।
- पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।






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