कासगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने और जीपीएस अटेंडेंस व्यवस्था हटाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आवाज बुलंद की है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष राधारानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कासगंज कलेक्ट्रेट पहुंचीं और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी प्रड़य सिंह को ज्ञापन सौंपा।

प्रोत्साहन राशि को मानदेय में जोड़ने की मुख्य मांग
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग यह रही कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को उनके मूल मानदेय में शामिल किया जाए, ताकि यह राशि नियमित रूप से हर महीने बिना किसी रुकावट के मिल सके। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में यह राशि अलग से दी जाती है, जिसके भुगतान में अक्सर देरी हो जाती है।
कई जगह भुगतान लंबित, बकाया राशि जल्द देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि जनपद के कई स्थानों पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब तक लंबित पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जीपीएस आधारित उपस्थिति व्यवस्था का विरोध
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जीपीएस आधारित उपस्थिति (अटेंडेंस) व्यवस्था का भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या रहती है, जिसके चलते समय पर उपस्थिति दर्ज कराना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, विभागीय बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए उन्हें अक्सर अपने कार्यक्षेत्र (केंद्र) से बाहर जाना पड़ता है, जिससे उपस्थिति प्रणाली को लेकर व्यावहारिक दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं।

सरकार से जल्द समाधान की अपील
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी इन जायज मांगों पर शीघ्र सुनवाई की जाए और समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के चलते उन्हें अपने दैनिक कार्यों को अंजाम देने में भी परेशानी होती है, जबकि वे जमीनी स्तर पर सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
निष्कर्ष
कासगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन उनके मानदेय और कार्यस्थितियों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को उजागर करता है। प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान और जीपीएस अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।






Leave a Reply