,

मसूरी में टैक्सी कारोबारियों का विवाद कोतवाली पहुंचा, दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप; दो दिन का अल्टीमेटम

मसूरी में टैक्सी कारोबारियों का विवाद कोतवाली पहुंचा, दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप; दो दिन का अल्टीमेटम

कार्यालय में तोड़फोड़ और नकदी चोरी के आरोपों से गरमाया मामला, एसोसिएशन ने 800 लोगों की रोजी-रोटी का हवाला देकर दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी; दूसरे पक्ष ने CCTV फुटेज से निष्पक्ष जांच की मांग की

मसूरी, 22 अक्टूबर 2026। पर्यटन नगरी मसूरी में टैक्सी संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब कोतवाली तक पहुंच गया है। गुरुवार को टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और नकदी चोरी के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के लोग मसूरी कोतवाली पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए, जिससे कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत कराया। एक ओर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्यालय में तोड़फोड़, महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ने, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और नकदी चोरी करने के आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने साथ अभद्रता और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। दूसरे पक्ष ने पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मसूरी में टैक्सी कारोबारियों का विवाद कोतवाली पहुंचा, दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप; दो दिन का अल्टीमेटम

दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मसूरी टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेन्द्र पवार और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन अपने निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होता है। उनका आरोप है कि कुछ सदस्य नियमों के विपरीत सवारियां उठाने का काम कर रहे हैं, जिससे एसोसिएशन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और दूसरे टैक्सी संचालकों की आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस कारोबार से करीब 800 लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। ऐसे में संगठन के नियमों की अनदेखी कर व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़े गए, सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया और नकदी चोरी की गई। पदाधिकारियों ने पुलिस से मांग की कि मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

एसोसिएशन ने प्रशासन और पुलिस को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेगा। साथ ही मसूरी में चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका असर शहर की टैक्सी सेवाओं और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

दूसरे पक्ष का आरोप—सवारी ले जाने पर हुआ विवाद, की गई अभद्रता और मारपीट

वहीं, दूसरे पक्ष के टैक्सी संचालक विपिन भंडारी ने एसोसिएशन की ओर से लगाए गए तोड़फोड़ और लूटपाट के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि गुरुवार सुबह सवारी ले जाने को लेकर एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों के साथ उनका विवाद हुआ था। विपिन भंडारी के आरोप के मुताबिक, इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट भी हुई।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके किसी सहयोगी ने एसोसिएशन के कार्यालय में तोड़फोड़ या नकदी चोरी की है। उनका आरोप है कि विवाद के बाद उन्हें फंसाने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

विपिन भंडारी ने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच किसी एक पक्ष के आरोपों के आधार पर न की जाए, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति कार्यालय में तोड़फोड़ या चोरी करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मसूरी में टैक्सी कारोबारियों का विवाद कोतवाली पहुंचा, दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप; दो दिन का अल्टीमेटम

टैक्सी संचालन के अधिकार और एसोसिएशन के नियमों को लेकर आमने-सामने दोनों पक्ष

मामले की जड़ टैक्सी संचालन और सवारियां ले जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बना विवाद बताया जा रहा है। विपिन भंडारी का कहना है कि अपनी टैक्सी से सवारी ले जाना उनका अधिकार है और एसोसिएशन की ओर से उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क है कि संगठन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि कुछ टैक्सी संचालक नियमों की अनदेखी करते हैं तो इससे पूरे संगठन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि किसी भी टैक्सी संचालक के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए और विवाद का समाधान निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।

दोनों पक्षों के बीच आरोपों और जवाबी आरोपों के चलते अब यह मामला केवल आपसी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि टैक्सी कारोबारियों की आजीविका, सवारी संचालन की व्यवस्था और पर्यटन नगरी की यातायात सेवाओं से भी जुड़ गया है। ऐसे में विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना जरूरी माना जा रहा है।

कोतवाल बोले—दोनों पक्षों की तहरीर मिली, जांच के आधार पर होगी कार्रवाई

मसूरी कोतवाली के प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर प्राप्त हुई हैं। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

एसडीएम ने दिए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के निर्देश

मामले को लेकर एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने भी पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए और किसी भी पक्ष को अनुचित संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि मसूरी जैसे शांतिप्रिय पर्यटन क्षेत्र का माहौल किसी भी स्थिति में खराब नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहते हुए किया जाए, ताकि शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित न हो।

हड़ताल की चेतावनी से पर्यटन और यातायात व्यवस्था पर नजर

मसूरी में टैक्सी कारोबार पर्यटन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में यदि एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाती है या चक्का जाम होता है तो पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल हड़ताल की चेतावनी दी गई है और आगे की स्थिति पुलिस जांच तथा दोनों पक्षों के बीच होने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

एक ओर एसोसिएशन ने दो दिन के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं दूसरे पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8

Latest Posts

Categories